इंदौर. नगर निगम मुख्यालय में खाद्य समिति प्रभारी के निजी सहायक (पीए) के साथ मारपीट करने वाले महापौर के भतीजे व चार साथियों को निगमकर्मियों ने जमकर पीटा, उनके दोपहिया वाहन फोड़ दिए और एक को पुलिस के हवाले भी किया। इस मामले में महापौर ने कहा हमलावर कोई भी हो कानून से बड़ा नहीं है। उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मेरे लिए कर्मचारी पहले है।
शनिवार शाम 4.55 बजे खाद्य समिति प्रभारी अनिल बिंदल के कक्ष में पीए केदार यादव काम कर रहे थे। तभी महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा के भतीजा गौरव शर्मा ‘चिंटू’ चार लोगों के साथ केबिन में पहुंचा। प्रभारी के नाम पर गाली-गलौज कर टेबल का कांच फोड़ दिया। श्री यादव ने विरोध किया तो उसे घसीटकर नीचे ले गए और लोहे की रॉड से पीटने लगे। बीच-बचाव करने वालों से भी मारपीट की। फिर मौके पर मौजूद निगमकर्मी एकजुट हुए और हमलावरों पर हावी हो गए। तब चिंटू व साथी गाड़ियां छोड़ भागने लगे। उनमें से एक मुकेश यादव निवासी मरीमाता चौराहा पकड़ा गया। निगमकर्मियों ने पहले हमलावरों की गाड़ियां फोड़ी। फिर मुकेश को पुलिस के हवाले कर दिया।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे श्री बिंदल, एमआईसी सदस्य देवकृष्ण सांखला, ललित पोरवाल, मुन्नालाल यादव, शंकर यादव, नेता प्रतिपक्ष छोटे यादव और पार्षद पराग कौशल के नेतृत्व में निगमकर्मी एमजी रोड थाने पहुंचे। हमलावरों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। एडीशनल एसपी महेशचंद्र जैन के निर्देश पर धारा 353 और 110 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। सीएसपी ने निगम में दो पुलिसकर्मियों की व्यवस्था करने का आश्वासन भी दिया।