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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) ने पहली बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का खुलकर विरोध किया है।
अब तक रणनीतिक बयान तक ही अपने को सीमित रखने वाले आईसीएल कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष व पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा है कि आईसीएल का मकसद क्रिकेट में बीसीसीआई के एकाधिकार को खत्म करना है। कपिल यहां शनिवार को 9 मार्च से पंचकूला में शुरू हो रहे आईसीएल ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट की तैयारियों के बारे में पत्रकारों से बात कर रहे थे। कपिल ने सवाल किया कि क्या आईसीएल में खेलना गुनाह है? क्रिकेटर का काम है खेलना, तो फिर उस पर रोक क्यों? उन्होंने कहा कि आईसीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना बोर्ड की शर्मनाक हरकत है।
बोली के खिलाफ: एक सवाल के जवाब में पूर्व कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों की बोली लगाकर ब्रिकी करना अनुचित है। खिलाड़ी बाजारू सामान नहीं कि उनकी बोली लगाई जाए।
बजट में खेलों के लिए कुछ नहीं: खेल बजट के बारे में कपिल ने कहा कि सरकार ने कुछ नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि खेल सामग्री व उपकरणों के आयात पर कर में कोई रियायत नहीं दी गई है।
सरकार कुछ दिए बगैर उम्मीद करती है कि खिलाड़ी पदक जीतकर लाएं और देश का नाम रोशन करें।