ह्यूस्टन. भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. अनिल सूद ने महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के उपचार की एक नई तकनीक विकसित की है। इसमें उस प्रोटीन को निशाना बनाया जाता है, जो ट्यूमर में बढ़ोतरी करता है। इस तकनीक से आने वाले दिनों में ओवेरियन कैंसर के कारगर इलाज की संभावना बढ़ गई है।
गायनेकोलॉजिक, आंकोलॉजी एंड कैंसर बायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिल सूद ने ओवेरियन कैंसर में मुख्य भूमिका निभाने वाले इंटरल्यूकिन-8 (आईएल-8) नाम के प्रोटीन के असर को शॉर्ट इंटरफेरिंग आरएनए के सहारे कम करने की तकनीक का विकास किया है। इससे कैंसरग्रस्त कोशिकाओं की बढ़त घट जाती है। प्रयोगशाला में चूहों पर यह परीक्षण सफल रहा है।
डॉ. सूद के अनुसार इस प्रयोग को अब क्लिनिक में किया जाएगा। अगर यह सफल रहा तो भविष्य में ओवेरियन कैंसर का कारगर इलाज मुमकिन हो सकता है।