नई दिल्ली. आयकर रिटर्न के मामले में अलग-अलग सूचनाएं देना या छुपाना अब संभव नहीं रह जाएगा। देश के पांच-छह आयुक्त कार्यालयों से कहीं से भी नोटिस जारी किए जा सकेंगे।
सीबीडीटी में संयुक्त सचिव अरविंद मोदी के अनुसार कंप्यूटरीकरण के बाद आयकर रिटर्न की जांच-पड़ताल किसी भी आयुक्त कार्यालय में संभव है। यह व्यवस्था प्रस्तावित बजट में पुख्ता की जा रही है।
बजट में ही विधायी उपाय कर लिए गए हैं। इसके बाद देशभर में फैले पांच-छह आयकर आयुक्त कार्यालयों में से कहीं से भी नोटिस जारी किए जा सकते हैं। साथ ही रिटर्न की प्रोसेसिंग की जा सकती है।
आयकर विभाग के देशभर में फैले कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए सभी रिटर्न कहीं भी देखे जा सकते हैं। उनकी जांच परख हो सकती है। तब कर अपवंचकों का विभाग की पैनी नजर से बचना मुश्किल होगा।