नई दिल्ली.
वाणिज्य व उद्योग मंत्री कमलनाथ बजट प्रस्तावों से निराश होने के बाद जल्दी ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेंगे। वह रुपए की मजबूती से प्रभावित निर्यातकों को राहत दिलाने की कोशिश करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बजट में रंगराजन और कृष्णमूर्ति समितियों की सिफारिशें शामिल नहीं की गई। वाणिज्य मंत्रालय इससे निराश है और प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखेगा।
जब बजट प्रस्तावों के बारे में वाणिज्य मंत्री से पूछा गया तो उनका कहना था कि वह बजट के वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े मसलों के अलावा अन्य मसलों से खुश हैं।
निर्यातकों को राहत के मसले पर उन्होंने कहा कि प्रक्रिया चल रही है। विदेशी व्यापार नीति की सालाना समीक्षा चल रही है। इसमें निर्यातकों की कई चिंताओं को शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त दोनों समितियों ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। खासतौर से कपड़ा, हैंडीक्राफ्ट, लैदर और मैरीन उत्पादों से जुड़े उद्योगों के बारे में काफी कुछ कहा गया है। अप्रैल से सितंबर के दौरान कपड़ा निर्यात की वृद्धि दर केवल 1.2 फीसदी रह गई है, जो पिछले साल समान अवधि में 33.5 फीसदी थी।
फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन का कहना है कि राज्य व स्थानीय करों के पुनभरुगतान, व्यावसायिक खर्चो पर एफबीटी और सर्विस टैक्स से छूट जैसे मसलों को छुआ भी नहीं गया है।