इंदौर. मुझे मत रोको, मैं एक्सपर्ट ड्राइवर हूं.. यही कह रहा था बड़वाह के पास हादसे का शिकार हुई मारूति वैन का ड्राइवर। इसके चंद पलों बाद ही एक वाहन से बचने के प्रयास में संतुलन बिगड़ा और वैन नर्सरी के पास खुदी नाली में जा घुसी। तेज गति के कारण कई पलटियां खाई और जोरदार विस्फोट हो गया।
बड़वाह के पास एलपीजी चलित वैन पलटने के बाद हुए विस्फोट में चार लोग की जान चली गई और पांच लोग गंभीर घायल हुए। सोमवार शाम साढ़े चार बजे जब रेवाराम दाभाड़े, पत्नी कालीबाई, कैलाशबाई, तोताराम व कुलदीप शर्मा को इंदौर लाए तो रेवाराम ही बोलने की स्थिति में था। उसने बताया दोपहर में हम सभी भंवरकुआं चौराहा से सनावद, बलवाड़ा और बड़वाह जाने के लिए वैन (एमपी 09-जेके-0043) में सवार हुए।
सभी अलग-अलग गांव के हैं। तेजाजीनगर से ही ड्राइवर काफी तेज चलाने लगा। वैन लहराने लगी तो यात्रियों ने टोका। तब वह पलटकर बोला मैं कई साल से गाड़ी चला रहा हूं। सब चुप रहो। इस दौरान वैन तीन बार टकराते-टकराते बची। फिर तो हादसा ही हो गया। राहगीरों ने जैसे-तैसे सभी को निकाला। तब तक कुछ लोग दम तोड़ चुके थे।
तस्दीक में जुटे गैस किट एक्सपर्ट्स
हादसे के बाद वाहनों में लगाई जाने वाली गैस किट पर भी सवाल उठ रहे हैं। किट बनाने वाली कंपनियों के जानकार मौके पर पहुंचे। राघव एलपीजी के डायरेक्टर अनिल जोशी के मुताबिक सिलेंडर फटना नामुकिन है। नकली पार्ट्स उपयोग करने से भी हादसा हो सकता है लेकिन पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
झुलसते सवाल
- वैन दूसरे जिले तक कैसे जा रही थी? उसका तयशुदा रूट क्या था?
- भंवरकुआ चौराहा पर आए दिन ऐसे ही ओवरलोडिंग होती है। वहीं थाना है और ट्रैफिक जवान भी दिनभर चालान बनाते रहते हैं। वे अंकुश क्यों नहीं रखते?
- वैन की बैठक क्षमता आठ लोगों की है जबकि दुर्घटनाग्रस्त वैन में 13 लोग थे?