वाशिंगटन. कैंसर के इलाज को बेहतर बनाने में जुटे वैज्ञानिकों ने ऐसी दवा विकसित करने में सफलता पाई है जो कैंसर की कोशिकओं को नष्ट करने और स्वस्थ कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में सक्षम है।
वैज्ञानिको के अनुसार कैंसर का कारण है उससे बचाव करने वाले प्रोटीन ‘पी 53’ को निष्क्रिय कर कैसर कोशिकाओं को फैलाने वाला प्रोटीन ‘एमडीएम 2’। ‘पी 53’ से जुड़कर यह प्रोटीन शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास की प्रक्रिया को बढ़ावा देता हैं।
इस अध्ययन के तहत ‘मिशिगन’ विश्वविद्यालय के अनुसंधानर्ताओं ने ‘एमआई-219’ नामक एक मॉलीक्यूल की खोज की है जो ‘एमडीएम 2’ और ‘पी 53’ प्रोटीन के बीच जुड़ाव पर रोक लगाने में सक्षम है। ‘पी 53’ प्रोटीन की शक्ति को बढ़ाकर ‘एमआई-219’ मॉलीक्यूल, ट्यूमर विकसित करने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है।
पशुओं पर किए गए रोग विषयक प्रयोगों में पाया गया है कि ‘एमडीएम2’ से निर्मित दवा कई तरह का कैंसर के इलाज में सहायक हो सकती है। अनुसंधानकर्ता शाओमेंग वैंग के अनुसार ‘एमडीएम 2’ से निर्मित दवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक ‘गोली’के रूप में विकसित किया जा सकता है जो कैसर के कीमोथरेपी जैसे पीड़ादायक इलाज से कहीं बेहतर विकल्प है।