अहमदाबाद. रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा इस साल के रेल बजट में कुलियों को गैंगमैन बनाने की घोषणा ने उनके बिल्लों की कीमत भी बढ़ा दी है। नए बिल्ले नहीं बनाए जाने के कारण पहले ही कीमती माने जाने वाले कुलियों के बिल्ले की कीमत अब 10 लाख रुपए तक जा पहुंची है।
सूत्रों के मुताबिक अहमदाबाद स्टेशन पर कुली बनने आए उत्तरप्रदेश के एक व्यक्ति ने अपने गांव लौटने के इच्छुक वृद्ध कुली से छह लाख रुपए में बिल्ला खरीदा है। बिल्ले को इतनी ऊंची कीमत पर बेचे जाने का यह अकेला मामला नहीं है। गत तीन-चार वर्षो में शहर में चार से अधिक कुलियों के बिल्ले ऊंची कीमतों में बिके हैं।
रेलमंत्री की घोषणा के बाद वृद्ध व शहर छोड़ने का इरादा रखने वाले कुली अपने बिल्ले का लाभ परिवार के सदस्यों को देना चाहते हैं। कुछ कुली अच्छी कीमत मिलने पर अपना बिल्ला बेचने को भी राजी हैं। इस संबंध में कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
आसान नहीं है बिल्ले का ट्रांसफर :
बिल्ला ट्रांसफर करने की प्रक्रिया बड़ी जटिल है। पिता से पुत्र या अन्य नजदीकी रिश्तेदार को बिल्ला ट्रांसफर करने में ही लंबा वक्त लग जाता है। एक रेलवे अधिकारी के अनुसार, अहमदाबाद स्टेशन पर 619 कुलियों में से कई कुलियों के बिल्लों के ट्रांसफर केस लंबित हैं।
‘यह संभव नहीं लगता कि इतनी ऊंची कीमत पर बिल्ला बेचा गया हो। फिर बिल्ले को बेचना संभव भी नहीं है। आपसी समझ से किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा बिल्ले का उपयोग हो सकता है। किसी हद तक इसमें पैसे का लेन-देन भी संभव है।’
- यासिन भाई, सचिव, कुली एसोसिएशन