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पर्चे ने किया परेशान

भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी परीक्षा में मंगलवार को हुए कैमिस्ट्री के पर्चे ने छात्रों के नंबर की कैमिस्ट्री को बिगाड़ दिया। पेपर कठिन होने से कई छात्रों का आशानुरूप पेपर नहीं गया। कुछ ने तो परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद गुस्से में पेपर फाड़ दिया। इधर, राजनीति विज्ञान के पेपर में गलतियां पाई र्गई। प्रदेश में 290 नकल प्रकरण बने हैं। भोपाल में एक भी नकल प्रकरण नहीं बना।

छात्र ने कॉपी फाड़ी

बिल्किसगंज में एक छात्र ने परीक्षा के दौरान अपनी उत्तर पुस्तिका फाड़ दी। उसकी पुलिस में रिपोर्ट हुई है। सूत्रों के मुताबिक पेपर कठिन होने से छात्र ने ऐसा किया है। भोपाल संभाग के कई जिलों में नकल प्रकरण बने हैं। सहायक संचालक केपीएस तोमर ने बताया कि विदिशा में आठ, रायसेन और राजगढ़ में तीन-तीन नकल प्रकरण बने हैं।

छात्राएं हरुई रुआंसी

मंगलवार को 12वीं के विद्यार्थियों का कैमिस्ट्री का पेपर था। पेपर देने के बाद परीक्षा हॉल से निकले परीक्षार्थियों के चेहरे उतरे हुए थे। सरोजिनी नायडू स्कूल में कुछ छात्राएं रुआंसी हो र्गई थीं। विद्यार्थियों ने बताया कि कैमेस्ट्री का बी सेट सबसे ज्यादा कठिन था। इस सेट में जो वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए थे, उसमें सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

कुछ छात्रों ने तो 20 नंबर के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर देने में तुक्के चला दिए। वे खुद आश्वस्त नहीं थे कि उन्होंने कितने प्रश्नों के सही उत्तर दिए। छात्र अनुराग पाठक के मुताबिक कुछ भी आउट ऑफ सिलेबस नहीं पूछा गया, पर बी सेट में जो प्रश्न पूछे गए वह पूरे सिलेबस का निचोड़ थे और जिसने पूरी किताब पढ़ी है वही हल कर सकता था। कैमिस्ट्री का पेपर 75 अंक का था और इसमें 16 प्रश्न पूछे गए थे।

शिक्षकों को फटकार

सिंधी कॉलोनी स्थित सिंधु स्कूल में डीईओ धीरेंद्र चतुर्वेदी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि परीक्षा केंद्र में जिस स्कूल के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं, उसी स्कूल के शिक्षक वहां ड्यूटी कर रहे हैं। श्री चतुर्वेदी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संबंधित स्कूल के शिक्षक यहां ड्यूटी नहीं कर सकते। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि भोपाल जिले में कोई नकल प्रकरण नहीं बना।

राजनीति विज्ञान में गलती

मंगलवार को राजनीति विज्ञान का पर्चा भी था। इसमें एक त्रुटि पाई गई। सी सेट प्रश्न पत्र में 21 प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन प्रश्न चार का सीरियल नंबर दो बार रिपीट हो गया और प्रश्न क्रमांक चार के बाद सीधे प्रश्न क्रमांक छह आ गया। प्रश्न क्रमांक पांच के स्थान पर भी प्रश्न क्रमांक चार छपा था। प्रश्न क्रमांक एक से पांच तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे।

छात्र सुनील सिंह भदौरिया ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर भी किसी ने इस गलती की जानकारी नहीं दी और अगर परीक्षार्थी ने उत्तर पुस्तिका में प्रश्न चार के दो उत्तर लिख दिए, तो उसके नंबर कट सकते हैं, भले ही वह प्रश्न पांच का उत्तर हो। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न चार को लेकर असमंजस की स्थिति रही।

छात्रों ने कहा

कैमिस्ट्री का पेपर कठिन था। बी सेट ने तो छात्रों के होश उड़ा दिए। कई के पेपर बिगड़ गए। वस्तुनिष्ठ प्रश्न सबसे ज्यादा कठिन थे।

गौतम राजपूत

कैमिस्ट्री का बी सेट कठिन था, शेष में परेशानी नहीं हुई। इसमें बहुत गहराई वाले प्रश्न पूछे गए, जिसके जवाब एक औसत छात्र नहीं दे पाए।

आकाश श्रीवास्तव





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