पुष्कर.
यहां ब्रम्ह मंदिर के पीछे सावित्री मंदिर मार्ग स्थित भूखंड की खुदाई के दौरान जैन र्तीथकरों की प्राचीन मूर्तियों का खजाना मिला है। करीब 12 वीं सदी की खंडित अवस्था में मिली छोटी-बड़ी इन 27 मूर्तियों को नगर पालिका प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
मंगलवार की सुबह बिदियाद निवासी प्रेमाराम एवं सुआलाल के भूखंड में एक ट्रैक्टर मिट्टी में फंस गया था। ट्रैक्टर को निकालने के लिए खुदाई किए जाने के दौरान धरातल से करीब चार फुट नीचे जैन र्तीथकर महावीर व अन्य जैन र्तीथकरों की यक्ष, यक्षिणी, छत्री सहित संगमरमर, सैंड स्टोन एवं काले पत्थर की छोटी बड़ी करीब 27 कलात्मक मूर्तियां निकलीं। सभी मूर्तियां खंडित है।
सूचना मिलते ही नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मेघना चौधरी व स्वास्थ्य निरीक्षक फतह सिंह गौड़ मौके पर पहुंच गए तथा सभी मूर्तियों को मौके से जब्त कर पालिका कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया। अजमेर स्थित संग्रहालय के क्यूरेटर आजम हुसैन के मुताबिक मूर्तियां 11वीं से 12वीं शताब्दी की हैं। मालूम हो कि पूर्व में भी यहां जैन सम्प्रदाय की कई प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि पुष्कर से पहले यहां जैनियों की पद्मावती नगरी थी। पद्मावती नगरी जमींदोज होने के हजारों वर्ष बाद पुष्कर की बसावट हुई थी।
पुष्कर के संतोषी माता की ढाणी वेद संस्थान के पास मिलीं अधिकतर प्रतिमाएं खंडित हैं। लघु अलंकृत और पाषाण खंड भी प्राप्त हुए हैं। प्रतिमाओं का विवरण रासायनिक उपचार के बाद ही प्राप्त होगा। विस्तृत जानकारी निदेशालय को भेजी गई है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही रासायनिक उपचार कराया जाएगा।’
-आजम खान, अधीक्षक, राजकीय संग्रहालय