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चोरी के मुरुम से बन रही थी रेल लाइन

बिलासपुर. रेलवे लाइन के निर्माण में अवैध उत्खनन कर मुरुम का उपयोग करने का मामला सामने आया है। खनिज विभाग की टीम ने गोपनीय तरीके से कोटा क्षेत्र के ग्राम मोहनभाठा में छापा मारकर मंगलवार को मशीन समेत पांच हाइवा जब्त किए हैं। अवैध उत्खनन करने वाले रेलवे के ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।

बिलासपुर से पेंड्रारोड तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसके अंतर्गत ठेकेदार सुशील झाझड़िया द्वारा घुटकू से कोटा के बीच लाइन बिछाई जा रही है। सहायक खनिज अधिकारी डी. डोनगांवकर को आज दोपहर सूत्रों से सूचना मिली कि रेलवे लाइन के निर्माण में लगाया जा रहा मुरुम चोरी का है। पास के गांव मोहनभाठा से अवैध उत्खनन कर बगैर रायल्टी का मुरुम यहां धड़ल्ले से डाला जा रहा है।

इस सूचना पर श्री डोनगांवकर व उनके स्टाफ ने बड़े ही गोपनीय तरीके से मौके पर छापा मारा। कार्रवाई से पूर्व टीम के सभी सदस्यों के मोबाइल बंद करा दिए गए। पुलिस को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। विभाग के अधिकारी मोहनभाठा पहुंचे तो उनके होश फाख्ता हो गया। वहां एक्सीवेटर से बड़े पैमाने पर मुरुम का अवैध उत्खनन जारी था। इसके लिए न किसी से अनुमति ली गई थी और न ही रायल्टी दी जा रही थी। हाइवा व ट्रकों से इस मुरुम को रेलवे लाइन तक पहुंचाया जा रहा था। यहां ठेकेदार सुशील झाझड़िया द्वारा एक अन्य ठेकेदार आशीष दुबे के माध्यम से मुरुम लिया जा रहा था।

उत्खनन में लगे कर्मचारियों से पूछताछ में खुलासा होने के बाद खाद्य विभाग के अफसरों ने मुरुम ढो रहे हाइवा को जब्त कर लिया। इनमें सुशील झाझड़िया का हाइवा क्रमांक सीजी 10 सी 1823, विश्वकर्मा मनेंद्रगढ़ का हाइवा क्र. सीजी 10 सी 1615 व सीजी 10 ए 1400, हनीफी बिलासपुर का हाइवा क्र. सीजी 07 सी 3691 और मुनेंद्र केडिया मनेंद्रगढ़ का हाइवा क्र. सीजी 16 ए 1557 शामिल है।

इन वाहनों को कोटा पुलिस को सौंप दिया गया है। रेलवे में चोरी के मुरुम का उपयोग करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हाल ही में इस तरह का मामला सामने आया था, जिसमें ठेकेदार द्वारा रायल्टी चोरी करने पर कार्रवाई की गई थी। श्री डोनगांवकर ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई के बाद जांच की जाएगी कि अब तक कितनी मात्रा में चोरी का मुरुम खपाया जा चुका है। इसके अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा। फिलहाल दोनों ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन सौंपा जाएगा। विभाग की टीम में माइनिंग इंस्पेक्टर एम. चंद्रशेखर, आरआई श्री भट्टी व अन्य शामिल थे।





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