News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. नाश्ते की टेबल से गर्मागर्म दूध का गिलास और मलाई की मोटी तह गायब होने वाली है। गांवों से और शहर के आसपास बनी डेयरी से शहर में दूध सप्लाई करने वाले दूध की कीमत में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि करने वाले हैं।
दूध के दाम को लेकर होटल, डेयरी संचालक व दुग्ध उत्पादक संघ के सदस्य आमने-सामने हो गए हैं। दुग्ध उत्पादक, महंगाई की दुहाई देकर दाम में पांच रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी चाह रहे हैं, तो होटल व दूध की चिल्हर बिक्री करने वाले डेयरी संचालक इसके लिए तैयार नहीं है। शहर में रोज तकरीबन 50 हजार लीटर दूध की खपत है। यदि दोनों पक्षों के बीच इस मामले में सहमति नहीं बनी तो दूध का संकट खड़ा हो सकता है।
शहर में खपत होने वाले दूध में से लगभग 25 हजार लीटर दूध का उत्पादन बिलासपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ के सदस्य करते हैं। ये लोग गांवों और शहर से लगे हिस्सों में गाय पालन कर यहां रोज दूध बेचते हैं। शेष 25 हजार लीटर का हिस्सा पैकेटबंद और संघ में शामिल नहीं होने वाले ग्रामीण दूधवालों का है जो सीधे घरों में दूध पहुंचाते हैं। फिलहाल गाय का दूध 12-14 रुपए लीटर और भैंस का दूध 18-20 रुपए लीटर बेचा जा रहा है।
कीमत बढ़ने के बाद गाय का दूध 17 से 19 रुपए व भैंस का दूध 23 से 25 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। दूध की कीमत में बढ़ोतरी की सीधा असर घरों के बजट पर पड़ेगा। पहले से ही राशन और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम से परेशान नागरिक दूध के दाम बढ़ने की खबर से ही चिंतित हैं। वसंत विहार निवासी श्रीमती चित्रलेखा शर्मा को जब दूध के दाम बढ़ने के बारे में जानकारी दी गई तो पहले तो वे चौंक गईं। इसके बाद उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि पहले ही महंगाई की मार से घर के बजट का बुरा हाल है, ऊपर से यदि दूध के दाम भी बढ़ गए तो बजट का पूरा कबाड़ा हो जाएगा।
रामनगर निवासी श्रीमती गीतांजलि दुबे ने कहा कि घरों में रोजाना 2 लीटर दूध की खपत होती है। प्रति लीटर 5 रुपए बढ़ने से रोजाना 10 रुपए व हर महीने 300 रुपए तक की चपत लगेगी, जो मध्यम-वर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ने के लिए काफी है। कश्यप कालोनी की श्रीमती शीला राजपूत ने कहा है कि यदि दूध के दाम 5 रुपए बढ़ेंगे तो वे घर में 2 की बजाय 1 लीटर दूध लेना ही शुरू कर देंगी। इस विवाद की शुरुआत पिछले दिनों बस स्टैंड के पास एक होटल में जिला दुग्ध उत्पादक संघ ने प्रमुख होटल व्यवसाइयों व डेयरी संचालकों की बैठक से हुई।
इसमें कुछ सामान्य मुद्दों पर चर्चा के बाद दूध के दाम में पांच रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की मांग व्यवसाइयों के सामने रखी गई। अचानक रखी गई इस मांग से व्यवसायी भी सकते में आ गए। उन्होंने कहा कि बैठक के एजेंडे में दाम बढ़ाने का जिक्र नहीं है। इस मुद्दे पर आपस में चर्चा करने के बाद ही वे कुछ जवाब दे सकेंगे। इसके बाद दुग्ध उत्पादकों के साथ बैठक के लिए सात मार्च की तारीख तय कर दी गई।
इस मांग से परेशान व्यापारियों ने छह फरवरी को मीटिंग रखी है। इस बैठक में उत्पादकों के साथ होने वाली बैठक के बारे में चर्चा की जाएगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार एक ही बार में पांच रुपए प्रति लीटर की वृद्धि करने के लिए व्यापारी किसी भी सूरत में तैयार नहीं हैं। इधर उत्पादक भी हर हाल में दूध के दाम बढ़ाने की बात पर अड़े हुए हैं। बहरहाल दोनों पक्षों की बैठक के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।