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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. चिलचिलाती धूप में कोई खेत के बीच बैठकर प्रoA का उत्तर खोज रहा था, तो कोई दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में घुसने का प्रयास कर रहा था। ग्रामीण और केंद्राध्यक्ष के बीच कहासुनी चल रही थी, तो कहीं पुलिस को दौड़ाता देख नकल कराने वाली सेना खेतों में सरपट दौड़ती नजर आ रही थी।
यह नजारा मस्तूरी क्षेत्र के बोर्ड परीक्षा केंद्रों का है, जहां मंगलवार को रौनक देखते ही बन रही थी। केंद्र के भीतर परीक्षार्थियों की संख्या तो गिनती की ही थी, लेकिन उनकी हौसला अफजाई करने के लिए सैकड़ों लोग बाहर थे। वे खामोश जरूर थे, लेकिन अपने संबंधितों को इशारों में ही कह रहे थे कि चिंता नहीं करना हम बाहर ही डटे हैं, मौका मिलते ही तुम तक प्रoAों के उत्तर पहुंच जाएंगे। मस्तूरी-मल्हार के बीच स्थित पूर्व माध्यमिक शाला टिकारी में खासा माहौल था। सुबह सात बजे से ही परीक्षार्थी के परिजनों ने मोर्चा सम्हाल लिया था। गली-कूचों में तो मिल बांटकर नकल के पुर्जे तैयार हो ही रहे थे, वहीं लोगों ने पैरे के ढेर और पेड़ पर चढ़कर भी नकल के आदान-प्रदान का भरपूर लाभ उठाया।
शासकीय कन्या उमावि पचपेड़ी में भी कुछ इसी तरह का माहौल था। यह केंद्र भी चारों ओर से नकल के मददगारों से घिरा हुआ था। परीक्षा के प्रारंभिक घंटों में ही यहां नकल होने लगी थी, लेकिन इसी दौरान डीईओ बीएल र्कुे के नेतृत्व में आए उड़नदस्ते ने छापा मारकर अमानत में खयानत कर दिया। उड़नदस्ते ने यहां से नकल के 12 मामले पकड़े। उड़नदस्ते के साथ वीडियोग्राफर भी चल रहा था, लेकिन पचपेड़ी का माहौल देखकर वह आगे नहीं जा सका और वहीं का होकर रह गया। यहां कमरों में लाइट की व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे छात्रों को अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी। केंद्राध्यक्ष ने बताया कि लाइट के लिए कार्यपालन अधिकारी को कई बाद सूचित करने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
बूढ़ीखार स्कूल में भी छात्रों ने जमकर नकल का लाभ उठाया। यहां कई स्कूलों को सेंटर दिया गया था। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने बताया कि यहां जिन छात्रों ने पैसा दिया है, उन्हें नकल उपलब्ध कराया है। जिन छात्रों ने पैसा नहीं दिया है, उन्हें नकल मारने नहीं दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने अगले साल से यहां परीक्षा केंद्र नहीं बनाने की मांग करने तक की बात कह डाली।
ए पुलिस तोर..
परीक्षा केंद्र में डच्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों की शामत ही आ गई थी। टिकारी स्कूल के आसपास संबंधितों को नकल सामग्री उपलब्ध कराने अभिभावकों की भारी भीड़ लगी थी। इस दौरान नकल देने से रोकटोक करने पर पुलिस कर्मियों को ग्रामीणों के कोप का शिकार होना पड़ा। ग्रामीणों की गंदी गालियां भी पुलिस कर्मियों को चुपचाप सुननी पड़ी।
दो-दो सौ दो और भरपूर नकल करो
मध्यनगरीय उमा शाला मल्हार का सेंटर बूढ़ीखार स्कूल में दिया गया है। सोमवार को बारहवीं गणित की परीक्षा में केवल तीन ही परीक्षार्थी थे। परीक्षार्थी शिवप्रसाद वर्मा व पंचराम वर्मा ने आरोप लगाया है कि केंद्राध्यक्ष ने तीनों से न केवल नकल सामग्री देने, बल्कि अलग से बैठाने के एवज में दो-दो सौ रुपए की मांग की, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया।
‘गाड़ी आवत हे’
स्कूल में आसानी से नकल हो सके, इसके लिए परीक्षा केद्र के आसपास मुख्यमार्ग पर चारों ओर मोबाइल मेन बैठाए गए थे। मोबाइल मेन की डच्यूटी थी कि वह उड़नदस्तों की गाड़ी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले ही इसकी सूचना दे। मोबाइल पर ‘गाड़ी आ थे’ सुनते ही परीक्षा केंद्र के भीतर परीक्षार्थियों को सचेत किया जाता था कि उड़नदस्ते की गाड़ी आ रही है, जिससे सभी कुछ देर के लिए नकल सामग्री अंडरग्राउंड कर लें।