नई दिल्ली. अमेरिका ने बुधवार को परमाणु करार पर समय सीमा के अंदर भारत से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
अमेरिका ने साफ कहा कि दो देशों के बीच परमाणु व्यापार का संबंध 123 समझौते से है न कि हाइड एक्ट से।
अमेरिका के सहायक विदेश सचिव रिचर्ड बाउचर ने कहा कि हाइड एक्ट अमेरिका का आंतरिक कानून है और इसका मुख्य उद्देश्य भारत के साथ परमाणु समझौते को मंजूरी देना है।
हाइड एक्ट के प्रभावों पर भारत की चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए बाउचर ने कहा कि 123 समझौते पर भारत और अमेरिका में कोई मतभेद नहीं है।
विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और विदेश मंत्रालय के अन्य अधिकारियों से सोमवार को भेंट करने के बाद बाउचर ने परमाणु समझौता जल्द होने की आशा व्यक्त की। लेकिन उन्होंने कहा कि चुनावी साल होने के कारण इसके लिए समय बहुत कम है।
बाउचर ने कहा कि आशा है कि यह समझौता भारत, अमेरिका और परमाणु अप्रसार के लिए अच्छा साबित होगा।
अमेरिकी सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष जोसेफ बीडेन और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रहे जान कैरी की यात्रा का मकसद भारत को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ समझौते को मई से पहले अंतिम रूप देने के लिए दबाव डालना था।
भारत और आईएईए के बीच समझौते की रूपरेखा करीब-करीब तैयार है। अनुमानों के अनुसार विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की 13-15 मार्च की अमेरिका यात्रा के दौरान इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी ) के सदस्य देशों द्वारा इसे मंजूरी मिलने में करीब दो माह का समय लग सकता है। अमेरिकी कांग्रेस जुलाई में परमाणु करार को मंजूरी दे सकती है।