ब्यावरा. पचोर थाने के गुलखेड़ी गांव में रहने वाले दो नाबालिग बच्चे नबंवर माह से गायब हैं। उन्हें लुधियाना जिले के एक होटल में बंधक बना रखा है। बच्चों के परिजन भोपाल संभाग के आईजी के पास गुहार लगाने पहुंचे, जहां से उन्हे राजगढ़ एसपी के पास भेज दिया गया है। गुरुवार को उन्होंने एसपी डीके आर्य से मिलकर बच्चों की रिहाई की गुहार लगाई है। फरियादी की ओर से मां मल्लकाबाई और उनकी पुत्री राधेबाई ने बताया कि १क् वर्षीय अविनाश पुत्र अशोक और १२ वर्षीय पार्वती पुत्री धारासिंह अपने पिता के साथ लुधियाना मंे गर्म कपड़े के कारोबार के लिए गए थे।
वह ३१ नबंवर क्७ को लुधियाना जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के गांव लिवड़ा के एक होटल में खाना खाने के लिए गए। इसके बाद वह वापस नहीं आए। बच्चों के दादा हरिनारायण सिंह ने बताया कि गुलखेड़ी गांव के ही दो अन्य बच्चे संगीता पुत्री देवनारायण और कल्लू पुत्र राजू ३ फरवरी को अचानक उसी होटल में पहुंच गए तो उन्हें भी होटल मालिक ने पकड़ लिया। जिससे इन दोनों बच्चों ने अविनाश और पार्वती को वहां देख लिया।
इस समय उस होटल में बारात ठहरी हुई थी। बच्चों की चिल्लाचोंट सुनकर बाराती आ गए तो कल्लू और संगीता छूटकर भाग आए और उन्होंने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई जो कि वहां कंबल खरीदने के लिए गए थे। बच्चों का पता लगते परिजनों ने स्थानीय थाने में पुलिस को घटना बताई लेकिन जब वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने गांव फोन करके दादा को यह बात बताई और भोपाल में आईजी को शिकायत करने को कहा।
चूंकि मामला राजगढ़ जिले का था इसलिए आईजी ने एसपी को प्रकरण सौंपने के लिए उन्हे यहां भेज दिया। निराश परिजनों ने एसपी को अपनी व्यथा सुनाकर बच्चों को होटल मालिक के चंगुल से छुड़ाने की मांग की।
बच्चे क्यों गए थे लुधियाना- गुलखेड़ी गावं के लोग गर्म कपड़े बेचने का काम करते हैं। जो वह लुधियाना से लेकर आते हैं। इन्हीं के साथ बच्चे भी गए थे। यह बच्चे फेरी लगाकर कपड़े बेचते हैं। एसपी डीके आर्य ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। लुधियाना पुलिस से संपर्क करके वहां पुलिस टीम भेजी जाएगी। यदि बात सही हुई तो होटल मालिक के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर सख्त कार्यवाही की जाएगी।