HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

अरेरा में नौकर ने डाला ‘डाका’

भोपाल. अपने मालिक के घर ताले तोड़ कर लाखों की नकदी उड़ाने वाले एक नौकर को राजधानी पुलिस ने पकड़ लिया है। उसने अपने भाई की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया और पुलिस को बताया था कि कुछ सशस्त्र डकैतों ने ऐसा किया है। आरोपी के भाई को भी पकड़ लिया गया है।

पुलिस के अनुसार नुपुर कुंज क्षेत्र में रहने वाले कोल माइंस के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर रामजी सहाय गत 29 फरवरी से अपनी पत्नी के साथ इंदौर गए हुए थे। भोपाल में उनके घर पर नौकर रामू यादव रहता था। बीती रात करीब दो बजे रामू ने पुलिस को बताया कि आधा दर्जन युवकों ने मकान की ग्रिल तोड़ कर भीतर प्रवेश किया। उन्होंने उसे कट्टा अड़ाया और घर से जेवर तथा नकदी ले भागे।

कहानी और साक्ष्य अलग-अलग: भोपाल के एसपी जयदीप प्रसाद ने बताया कि रामू की कहानी और घटनास्थल से मिले साक्ष्य मेल नहीं खा रहे थे। इस कारण उस पर ही सबसे ज्यादा शक था, जो सच निकला।

पूछताछ में रामू ने बताया कि उसने पाथाखेड़ा (सारणी) में रहने वाले अपने भाई रामनाथ के साथ मिल कर वारदात को अंजाम दिया। रामनाथ बुधवार की दोपहर भोपाल आ गया था। दिन में ही दोनों ने घर के ताले तोड़ कर नकदी निकाली। इसके बाद रामनाथ नकदी लेकर शाम को ट्रेन से पाथाखेड़ा चला गया। इससे पहले आरोपियों ने डकैती के हालात बनाने के लिए घर का सामान इधर-उधर कर दिया था। रामनाथ के जाने के बाद रामू ने रात होने का इंतजार किया। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात वह नुपुर कुंज के चौकीदार के पास गया और डकैती की कहानी सुनाई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

रामनाथ को पकड़ा: रामू से मिली जानकारी पर पाथाखेड़ा पुलिस को तत्काल इसकी सूचना दी गई। साथ ही भोपाल से पुलिस का एक दल वहां के लिए रवाना किया गया। रामनाथ को पकड़ लिया गया है। उसे कल सुबह भोपाल लाया जाएगा। पुलिस ने उसके पास से लूटे गए तीन लाख से ज्यादा रुपए बरामद कर लिए हैं।

शोषण से नाराज था

रामू ने पुलिस को बताया कि श्री सहाय उसका शोषण कर रहे थे। वह बीते आठ साल से उनके यहां नौकर था, लेकिन वेतन के रूप में उसे महज 400 रुपए दिए जाते थे। रामू के अनुसार उसकी शादी होने वाली थी। घर वाले ताने कसते थे कि केवल 400 रुपए में वह कैसे घर चला सकेगा। मौका मिलते ही उसने मालिक के घर से सामान उड़ाने की योजना बनाई।

श्री सहाय का रवैया

वारदात की सूचना पर श्री सहाय गुरुवार की सुबह भोपाल पहुंच गए थे। हालांकि उन्होंने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन पुलिस के अनुसार रामू के अपराध कबूलने तक श्री सहाय उसे निर्दोष बताते रहे थे। वे पुलिस से यही कहते रहे कि रामू को उन्होंने बचपन से पाला है, वह ऐसा कर ही नहीं सकता। उन्होंने इस बात पर यकीन नहीं किया कि रामू शराब पीता है।

रामू की कहानी जो पुलिस के गले नहीं उतरी

नौकर के अनुसार डकैत मकान के पिछले हिस्से में बनी ग्रिल को खोल कर भीतर आए थे। जबकि पुलिस ने पाया कि ग्रिल मकान के भीतर से खोली गई है।

रामू का दावा था कि वारदात के समय डकैतों ने घर की बिजली काट दी थी। इसके बावजूद उसके द्वारा डकैतों का हुलिया बताने सहित उनके कपड़े तथा जूते के रंग बताने से भी पुलिस का शक बढ़ गया।

रामू के अनुसार मौका पा कर उसने मकान की छत से छलांग लगाई और बाहर जा कर कालोनी के चौकीदार को इसकी सूचना दी। जबकि पुलिस ने पाया कि मकान की दीवार या जमीन पर किसी के कूदने जैसे कोई निशान नहीं हैं। पूछताछ में पता चला कि रामू घर के पिछले हिस्से की ग्रिल खोल कर बाहर आया। उसने बाहर का लोहे का गेट खोला और फिर चौकीदार को डकैती की कहानी बताई।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: