जयपुर. सी-स्कीम व आसपास के इलाके में प्रेशर से पानी देने तथा गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना पिछले दस साल से जमीन के फेर में अटकी हुई है। जेडीए ने करीब तीन महीने पहले युधिष्ठिर मार्ग पर नाले के पास एक भूखंड आवंटित भी किया, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने से जलदाय विभाग ने उसे लेने से मना कर दिया है।
सी-स्कीम में टंकी व पंप हाउस नहीं होने से अधिकतर उपभोक्ताओं को ट्यूबवेल से बिना ट्रीटमेंट के ही पानी दिया जा रहा है। करीब दस साल पहले जलदाय विभाग की ओर से प्रस्तावित पेयजल योजना के लिए बजट भी दे दिया गया था। तब से जलदाय विभाग जेडीए को दर्जनों पत्र लिख चुका है, लेकिन क्षेत्र में उपयुक्त जमीन नहीं मिलने से पेयजल योजना अटकी ही रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्यूबवेल से सीधे सप्लाई देने की वजह से पानी में मिट्टी आने व कम प्रेशर की समस्या रहती है। टंकी व पंप हाउस बन जाए तो पानी का क्लोरीनेशन होने के बाद प्रेशर से पानी मिल जाएगा। विभाग के एईएन शिवचरणलाल गुप्ता ने बताया कि हमने जेडीए की ओर से नाले के किनारे आवंटित जमीन का कब्जा नहीं लिया क्योंकि यह पेयजल योजना के लिए उपयुक्त नहीं है।
दूसरी तरफ जेडीए जोन नं. 1 के उपायुक्त देवेंद्र शर्मा ने बताया कि हमारे पास जो जमीन थी, हमने जलदाय विभाग को आवंटित कर दी है। अब उसमें रास्ते की समस्या का जल्द ही समाधान निकल आएगा।