इंदौर. महापौर परिषद (एमआईसी) से लालबहादुर वर्मा को हटाकर निर्मला कैरो को लिया गया है। श्री वर्मा महापौर का लगातार विरोध कर रहे थे। इसके साथ पांच सदस्यों के विभाग भी बदले गए जबकि चार के यथावत रखे गए। तीन दिन पहले भाजपा समन्वय समिति ने बदलाव पर सहमति दी थी। उसके बाद महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिए। लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ही समर्थक श्रीमती कैरो को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके मनोनयन से एमआईसी में तीन महिला सदस्य हो गई हैं।
ऐसे हुए बाहर
सवा तीन साल पहले एमआईसी के गठन के बाद से ही श्री वर्मा निगम के साथ पार्टी फोरम पर भी महापौर का खुला विरोध करने लगे थे। इसका असर निगम के कामकाज पर पड़ने लगा तो महापौर ने संगठन की शरण ली। संगठन महामंत्री माखनसिंह ने समन्वय समिति को मामला सौंपा जिसके सदस्य सत्यनारायण सत्तन, भंवरसिंह शेखावत, महेंद्र हार्डिया तथा सुदर्शन गुप्ता हैं। उन्होंने दोनों पक्षों के साथ एमआईसी सदस्यों व जोनल अध्यक्षों से विचार किया फिर बदलाव पर सहमति दी।
तब का आकलन, अब काम आया
साल भर पहले कोर ग्रुप ने एमआईसी के सदस्यों के कामकाज का आकलन किया था। तब राजेंद्र राठौर, मुन्नालाल यादव, देवकृष्ण सांखला का काम सबसे बेहतर पाया गया। ललित पोरवाल, चंदू शिंदे, अनिल बिंदल, शांता झंवर, सपना चौहान का काम औसत और शंकर यादव, लालबहादुर वर्मा फिसड्डी माने गए थे। इसी आधार पर यादव को राजस्व से हटाया जबकि वर्मा तो बाहर ही हो गए। अच्छे काम के कारण राठौर की हैसियत बरकरार रही जबकि यादव व सांखला को वजनदार महकमे सौंपे गए।