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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. एनटीपीसी, सीपत के आला अधिकारियों ने विस्थापितों की कुछ मांगों के प्रति सहमति जताई है। गुरुवार को शासकीय अवकाश के बावजूद कलेक्टर सुबोध सिंह ने एनटीपीसी, सीपत व विस्थापितों के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रबंधन के अधिकारियों से चर्चा की। इसमें बुधवार को विस्थापितों द्वारा प्रस्तुत मांगें शामिल थीं।
एनटीपीसी, सीपत के मेगा पावर प्रोजेक्ट का कामकाज शांतिपूर्ण ढंग से चल सके तथा विस्थापितों की जायज मांगों की पूर्ति हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर सुबोध सिंह ने बताया कि एनटीपीसी ने अपने अस्पताल में विस्थापितों को चिकि त्सा सुविधा दिलाने, तकनीकी पदों पर भर्ती के पहले आईटीआई की ट्रेनिंग कराने, मशीनरी के मेंटेंनंस में विस्थापितों को कुछ प्रतिशत कार्य देने आदि मुद्दों पर सहमति जताई है।
उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि 10 मार्च को राजधानी रायपुर में जिले के प्रभारी मंत्री हेमचंद यादव की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में सुलह का रास्ता निकल सकेगा। इसमें मंत्रियों के अतिरिक्त क्षेत्रीय विधायक तथा एनटीपीसी, सीपत व दिल्ली के अधिकारी शामिल रहेंगे। कलेक्टर के साथ प्रबंधन के अधिकारियों की बैठक में महाप्रबंधक से हाल ही में पदोन्नत एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री प्रधान, मानव संसाधन विभाग के श्री अग्रवाल व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विस्थापितों का आंदोलन, 44 वें दिन भी जारी
इधर एनटीपीसी में नौकरी की एक सूत्रीय मांग को लेकर विस्थापितों का बेमुद्दत धरना मटेरियल गेट के समक्ष 44 वें दिन भी जारी रहा। महाशिवरात्रि के अवकाश के कारण प्लांट में ठेकेदार व श्रमिकों के अपेक्षाकृत कम संख्या में पहुंचने पर चहल-पहल कम ही नजर आई। वहीं विस्थापितों के साथ टकराव व तनाव की नौबत नहीं आई। धरना में दिलेंद्र कौशिल, राजाराम क्षत्री, डा. केशव, संतोष शर्मा, किशोर सिंह, नारायण ंिसंह, हेमंत शर्मा, अमित, रामकिशोर, तामेश्वर सिंह आदि शामिल हुए।
पदों का कोटा बढ़ेगा
खबर है कि प्रति मेगावाट के हिसाब से पदों का कोटा पूर्व में .3 फीसदी निर्धारित किया गया था। इसमें दुगनी बढ़ोतरी हो गई है। इस हिसाब से अब 900 की जगह 1800 पदों पर भर्ती होगी। अनुमान है कि पदों का कोटा बढ़ने से अधिकाधिक विस्थापितों को प्लांट में अवसर प्राप्त हो सकेगा।