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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.अब शहर के सभी स्कूलों के होम एग्जामिनेशन यूटी एजूकेशन डिपार्टमेंट अपनी देख-रेख में करवाएगा। इसके लिए डिपार्टमेंट ने चंडीगढ़ एजूकेशन बोर्ड बनाने का निर्णय लिया है। अगले सेशन में यह बोर्ड सभी गवर्नमेंट और आठवीं तक के प्राइवेट स्कूलों की परीक्षाएं करवाएगा। इसी साल मई-जून में होने वाले रि-अपियंिरंग एग्जाम इस बोर्ड के तहत ही होगा। डिपार्टमेंट को प्रशासन के अप्रूवल का इंतजार है और इसी महीने अप्रूवल की उम्मीद है। यूटी एजूकेशन डिपार्टमेंट की प्लानिंग है कि भविष्य में यह बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी करवाए।
गवर्नमेंट के साथ प्राइवेट स्कूल भी :
इस बोर्ड के तहत 5वीं, 6वीं, 7वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं के एग्जामिनेशन होंगे। अगले सेशन में 104 गवर्नमेंट और 8वीं क्लास तक के प्राइवेट स्कूलों के होम एग्जाम इस बोर्ड के तहत कंपलसरी होगा। शहर के सीनियर सेकंडरी लेवल के प्राइवेट स्कूल भी इस बोर्ड के तहत आना चाहें तो आ सकते हैं।
इन्विजिलेटर होगा बाहरी :
डीपीआई (स्कूल्स) एसके सेतिया ने बताया की क्वेश्चन पेपर्स को साइंटिफिक तरीके से सब्जेक्ट एक्सपर्ट बनाएंगे। एग्जाम में इन्विजिलेटर संबंधित स्कूल का न होकर बाहर से होगा। आन्सरशीट पर रैंडम नंबर्स होंगे और उस पर इन्विजिलेटर के साइन होंगे।डुप्लीकेट रोल नंबर या टेबल मार्किग :
आन्सर शीट की चेकिंग के लिए डिपार्टमेंट दो पहलुओं पर जांच कर रहा है। आन्सर शीट की चेकिंग के दौरान डुप्लीकेट रोल नंबर लगाए जाएंगे या फिर टेबल मार्किग की जाएगी।
क्यों बनाया जा रहा है बोर्डडीपीआई स्कूल्स एसके सेतिया ने बताया कि इस बोर्ड के बनने से परीक्षा में स्टैंडर्डाइजेशन होगा। सभी स्कूलों के क्वेश्चन पेपर एक समान होंगे। ज्यादातर गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की बुक्स ही चलती हैं। सेतिया के मुताबिक कई बार स्कूलों में मुश्किल चैप्टर्स नहीं पढ़ाए जाते और न ही इन चैप्टर्स से क्वेश्चन आते हैं।
इसके अलावा कुछ टीचर्स अपने यहां ट्यूशन पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को क्वेश्चन हिंट कर देते हैं या अच्छे नंबर देकर पास कर देते हैं। इन कारणों से क्वालिटी रिजल्ट नहीं निकलता। इस बोर्ड के बनने से इस पर रोक लगेगी और इसका फायदा स्टूडेंट्स को मिलेगा।