लंदन.छठी इंद्रियों से मिलने वाले संकेतों (इंट्यूशन)को आमतौर पर कल्पना को कर नकार दिया जाता है लेकिन अमेरिका में हुए एक अध्ययन से यह साबित हुआ है कि ये संकेत ज्यादातर सही होते हैं।
वेबासाइट ‘साइंस डेली’ के अनुसार छठी इंद्रियों से मिलने वाले संकेत अवचेतन मन में इक्कठा हुई जानकारियों पर आधारित होते हैं। हालांकि इन संकेतों को ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं मिल पाया है।
‘लीड्स’ विश्वविद्यालय के ‘बिजनस स्कूल’ में हुए एक अध्ययन के अनुसार पिछले अनुभवों और आसपास के वातावरण से हमारा मस्तिष्क संकेत ग्रहण करता है। इसके आधार पर हम सही और गलत का निर्णय लेते हैं।
अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर हॉगिन्सन के अनुसार, ‘‘आमतौर पर लोग मुश्किल परिस्थितियों, गहरे तनाव की स्थिति और खतरे को सामने देख अंर्तबोध यानी इंट्यूशन का सहारा लेते हैं। ये वो परिस्थितियां हैं जब हमारा विवेक या विशेष्ण शक्ति काम नहीं करती।’’
हॉगिन्सन के अनुसार, ‘‘अध्ययन की मदद से इस बात का विश्ललेषण किया जाएगा कि उद्यमी किस आधार पर एक व्यापार को छोड़ कर दूसरे व्यापार को अपनाते हैं। इससे मिली जानकारियों के द्वारा हम अपने छात्रों में निर्णय लेने के इस हुनर को पैदा करने का प्रयास करेंगे।’’