नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संकेत दिए कि उज्जैन के प्रो. एचएस सबरवाल की हत्या के मामले को नागपुर ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि इस बारे में कोर्ट ने अपना फैसला फिलहाल सुरक्षित रखा है।
जस्टिस अरिजित पसायत और जस्टिस पी. सदाशिवम की बेंच ने संकेत दिए कि एक तो नागपुर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं है, साथ ही यह नई दिल्ली की तुलना में उज्जैन से ज्यादा नजदीक है।
गौरतलब है कि 26 अगस्त 2006 को कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव रद्द करने से नाराज छात्रों ने प्रो. सबरवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। प्रो. सबरवाल के बेटे हिमांशु सिंह की दलील है कि चूंकि सभी आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हैं और मध्यप्रदेश में भाजपा की ही सरकार सत्तारूढ़ है, इसलिए मामले को प्रदेश से बाहर नई दिल्ली में स्थानांतरित किया जाए। हिमांशु ने दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती आरोपी विमल तोमर से मुलाकात की थी।
हिमांशु का यह भी आरोप है कि गवाहों को डराया-धमकाया जा रहा है। गवाह अदालत के सामने निर्भीक होकर गवाही देने की स्थिति में नहीं हैं। हिमांशु ने पुलिस पर महत्वपूर्ण सबूतों की जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है।