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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा के विधायक विधानसभा में प्रदेश की तरक्की की बात पर कमोबेश भावशून्य ही रहते हैं। बजट सत्र के पहले दिन लगा कि उन्हें प्रदेश के विकास से वास्ता नहीं हैं। विपक्ष तो क्या सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान तब कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जब राज्यपाल ने तरक्की की बात कही। राज्यपाल ने विकास का खाका चरणबद्ध तरीके से सदन में रखा।
उन्होंने बताया कि राजस्व 2006-07 में पिछले वर्ष की तुलना में 24 फीसदी अधिक रहा। 2007-08 में यह 30 फीसदी हो गया। सकल घरेलू उत्पाद में 11.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अन्न उत्पादन 147 टन रहा, यह आज तक का सबसे अधिक है। सड़कों व पुलों पर तीन हजार करोड़ खर्च किए गए हैं। प्रदेश में 2005 के बाद 33 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। प्रदेश में एसईजेड के 92 प्रस्ताव प्राप्त हुए, इसमें दो लाख करोड़ का निवेश होगा। केंद्र के सहयोग से 3 नए प्रोजेक्ट जिसमें पानीपत में पेट्रो हब, मानेसर में चार सौ करोड़ का प्रोजेक्ट शामिल हैं।
कम रही उपस्थिति : राज्यपाल जब विकास की बात कर रहे थे तो एक दो मौकों को छोड़कर अधिकतर समय विधायक सुस्ताते रहे तो कुछ बातों में लगे रहे। सत्र के पहले दिन विधायकों की मौजूदगी कम रही। जो उपस्थित थे, उसमें भी अधिकतर अंदर और बाहर आते जाते रहे।
20 मिनट में ही चले गए : इंद्री से कांग्रेस के विधायक राकेश कंबोज सदन में बीस मिनट ही रहे। वे राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान बीच में ही उठ कर चले गए। कृषि मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा भी इसी दौरान बाहर गए थे। इसके बाद दस विधायक भी बाहर चले गए।
जम कर हुई बातें: यमुनानगर की विधायक कृष्णा पंडित ने अपनी साथी विधायक से जमकर बातचीत की। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान वे कभी वित्त मंत्री बीरेंद्र ंिसंह तो कभी उनके साथ बैठे कैप्टन अजय यादव के साथ बातचीत करती रहीं। उनकी बातचीत का क्रम राज्यपाल के अभिभाषण के बाद ही खत्म हुआ।
जम कर सोए: बजट सत्र के पहले दिन कई विधायक तो सोते ही रहे। उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण से कोई सरोकार ही नहीं था। हालांकि एक दो बार उनके साथ बैठे साथी ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर के बाद फिर वे अलसाते हुए नींद में खो जाते रहे।