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Rajasthan
Shekhawati Shekhawati सीकर. करीब 41 करोड़ वित्त समिति का संभावित बजट, आरयूआईडीपी योजना में राज्य सरकार ने दिए 7.68 करोड़, 30 फीसदी देगी परिषद बजट बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को करीब 41 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया।
राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत 7.68 करोड़ शामिल हैं, जिसमें 30 फीसदी राशि नगरपरिषद खर्च करेगी। सभापति हनीफ खत्री ने दावा किया इसमें विकास, जन सुविधाओं, समस्याओं और आधारभूत जरूरतों का ख्याल रखा गया है। बजट बैठक की शुरूआत शांतिपूर्वक हुई, मगर बीच में पार्षदों ने बजट के अलावा शहर की समस्याएं रखीं। सभापति ने यह कहते हुए अलग कर दिया गया कि बैठक में केवल बजट के सुझावों पर चर्चा होगी।
सफाई
व्यवस्था को ठीक बनाए रखने व संसाधारण के लिए 123.00 लाख रुपए। सफाई वाहनों के लिए 20 लाख रुपए।
बिजली
बिजली के रख-रखाव व अनुबंध के लिए 10.00 लाख रुपए खर्च होंगे। 30 लाख रुपए का सामान खरीदा जाएगा।
स्ट्रीट लाईट
शहर में बिगड़ी रोशनी के माकूल बंदोबस्त के लिए 90 लाख रुपए के बिलों का भुगतान होगा।
पार्क
नाले, नाली, भवन और पार्क आदि के लिए रखरखाव और अन्य निर्माण कार्यो पर 150.00 लाख रुपए खर्च होंगे।
अग्निशमन
वाहनों के लिए पांच लाख रुपए और कई नए पद स्वीकृत किए गए हैं। अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ बनाना है।
सड़क
फिलहाल शहर की सड़कों के खस्ताहाल हैं। नई सड़कों के लिए 330.00 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
मरम्मत
सड़क नाली मरम्मत पर 100.00 लाख रुपए। सर्वे एवं ड्रेनेज भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए प्रस्तावित हैं।
फायर बिग्रेड
कुछ नए पद स्वीकृत किए हैं। एक अग्निशमन अधिकारी, तीन डेंटर फायरमेन, आठ फायरमेन और चार चालकों की भर्ती की जाएगी।
योजनाएं : आईएचएसडीपी योजना में 564.12 लाख रुपए, तीसरे राज्य वित्त आयोग के अनुदान से विकास 100.00 लाख रुपए, 12 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत अनुदान का व्यय 180.00 तथा सांसद, विधायक क्षेत्र विकास के तहत 100.00 लाख रुपए बजट प्रस्तावित।
ड्रेनेज : शहर में ड्रेनेज योजना के तहत 300. 00 लाख रुपए का व्यय प्रस्तावित है। इसमें 300.00 लाख रुपए हुडको से ऋण सहायता व शेष परिषद फंड से उपयोग में लिया जाना प्रस्तावित है।
शहर जनसहभागी :- राज्य सरकार द्वारा शहरी जन सहभागी योजना वर्ष 2008-09 बजट सत्र में भी जारी रहेगी। इसके लिए 50 लाख रुपए प्रस्तावित हैं। इसके तहत 50 फीसदी राज्य सरकार, 20 फीसदी परिषद फंड और 30 प्रतिशत राशि स्थानीय दानदाता से खर्च का प्रावधान है।
50 सफाईकर्मी : शहर की सफाई व्यवस्था पांच जोन में बंटी हुई है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य निरीक्षक सहित कुछ पद स्वीकृत किए हैं। इनमें दो स्वास्थ्य निरीक्षक प्रथम, स्वास्थ्य निरीक्षक द्वितीय, 50 सफाई कर्मचारी और चार चालक शामिल हैं।
खास योजना : शहरी विकास के लिए राज्य सरकारी मदद से भी नगरपरिषद की ओर से काफी काम होंगे। नाला निर्माण, ठोस कचरा प्रबंधन, अग्निशमन सेवा और अन्य के लिए 7.68 करोड़ स्वीकृत हैं। इसमें 70 फीसदी एडीबी का है, 30 फीसदी नगर परिषद की हिस्सेदारी होगी।