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Personal Finance Personal Finance नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में चीनी के भाव 40 रुपए से लेकर 50 रुपए प्रति 100 किलो मजबूत चल रहे हैं। बाजार में चीनी की कमजोर आपूर्ति व आने वाले दिनों में गन्ने के कम उत्पादन अनुमान के मद्देनजर भावों में और तेजी आने की संभावना के चलते फिलहाल बाजार की चीनी की जबरदस्त लिवाली देखने को मिल रही है।
इस बीच कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रतिकूल मौसम की वजह से देश में गन्ने का उत्पादन 15 फीसदी घट सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौसम की मार महाराष्ट्र में गन्ने के उत्पादन में 16-18 फीसदी तक की कमी ला सकता है। इन विशेषज्ञों मुताबिक मौजूदा वर्ष के दौरान प्रदेश में गन्ना उत्पादन की दर पिछले वर्ष के 73 टन प्रति हेक्टेयर की तुलना में घटकर 62-63 टन प्रति हेक्टेयर रह सकता है।
गौरतलब है कि गन्ना वर्ष अक्टूबर और सितंबर के मध्य होता है। इस तरह उत्तर प्रदेश में भी प्रति हेक्टेयर गन्ने का उत्पादन 65 टन प्रति हेक्टेयर से 12-15 फीसदी घटकर 58 टन प्रति हेक्टेयर तक गिर जाने का अनुमान है।
वहीं, पेराई के लिए उपलब्ध कुल गन्ना में भी कमी का अनुमान लगाया गया है। पिछले गन्ना सीजन के लिए गन्ना की कुल पेराई 798 लाख टन से गिरकर 760 लाख टन तक रह जाने की संभावना है।
चीनी मिल मालिंकों के अनुसार फसल के परिपक्व होने की अवस्था के दौरान हुई बेमौसम की बरसात से गन्ने में सुकरोज की मात्रा में कमी आई। साथ ही अत्यधिक आद्र्रता की वजह से भी फसल का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया।
लेकिन पूरे देश में अगर गन्ने से प्राप्त चीनी के संबंध में रिकवरी दर की बात करें तो यह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पिछले सीजन के 9.0 और 11.5 फीसदी की तुलना में बढ़कर 9.4 और 12 फीसदी रहने का अनुमान है।
साथ ही गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर चीनी मिल मालिकों और किसानों के बीच जारी रस्साकशी को लेकर भी गन्ने की पेराई के शुरू होने मे 45 दिनों की देर हुई।
चीनी मिल मालिकों के अनुसार इस वर्ष उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र मार्च से आगे नहीं जा पाएगा। जबकि महाराष्ट्र में पेराई सत्र के शुरुआती मई तक जारी रहने की संभावना है।