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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
संत रामविलास वेदांती की टिप्पणी को लेकर राज्य का माहौल चौथे दिन भी गर्म रहा। संत की गिरफ्तारी की मांग पर राज्यभर में प्रदर्शन हुए। वेदांती का पुतला जीप से बांधकर घसीट रहे 44 युवक कांग्रेसी जेल भेज दिए गए। प्रदेश कांग्रेस ने संत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है।
संत वेदांती के खिलाफ कांग्रेसियों का गुस्सा उग्र हो गया है। राजधानी में एक तरफ युवक कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर खासी गहमागहमी रही, तो दूसरी ओर वेदांती समर्थकों के अनशन से भी माहौल गरमाया रहा। रायपुर समेत कई क्षेत्रों से कांग्रेसियों के प्रदर्शन की खबरें मिली हैं।
कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत ने सुबह पदाधिकारियों व पूर्व छात्र नेताओं की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ बंद पर चर्चा की। बैठक में मौजूद अधिकांश नेताओं ने संत वेदांती की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की सलाह दी।
बैठक से पहले जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने राजीव गांधी चौक पर धरना दिया। कांग्रेसजनों ने कहा कि संत वेदांती को गिरफ्तार करना तो दूर, सरकार के कुछ नुमाइंदों ने उन्हें राज्य की सीमा सुरक्षित पार कराई।
धरने में विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, तरुण चटर्जी, इंदरचंद धाड़ीवाल, अग्नि चद्राकर, विधान मिश्रा, रमेश वल्र्यानी, अब्दुल हमीद हयात, कुलदीप जुनेजा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
गवर्नर से मिले महंत
बैठक के बाद श्री महंत राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से मिलने राजभवन गए। श्री महंत ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को घटना और कांग्रेस की मांग से अवगत करा दिया है।
आडवाणी का विरोध नहीं
चरणदास महंत ने राजभवन से लौटते ही छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लालकृष्ण आडवानी का विरोध नहीं कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और राहुल गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले संत वेदांती की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। श्री महंत ने कहा कि श्री आडवाणी को काला झंडा नहीं दिखाएंगे। कार्यकर्ताओं को महिला सम्मेलन में विध्न नहीं डालने कहा गया है।
झंडे दिखाने पर आमादा
प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष योगेश तिवारी ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी को काला झंडा दिखाने गुप्त रणनीति तैयार की गई है। लेकिन कुछ वरिष्ठ नेता काला झंडा नहीं दिखाने दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तलवार, लाठियां लेकर हमला कर रहे हैं। जिस दिन युवक कांग्रेसियों ने तलवारें निकाल लीं, एक भी नजर नहीं आएगा। श्री तिवारी ने चुनौती दी कि हिम्मत हो तो संत वेदांती फिर छत्तीसगढ़ आकर दिखाएं।
परीक्षा, दवा, दूध को छूट
स्कूल कालेजों में परीक्षाएं चल रही हैं। कांग्रेस ने परीक्षा में बाधा नहीं डालने का फैसला लिया है। मरीजों के लिए दवा व दूध बेचने की छूट भी दी गई है। लोगों से छत्तीसगढ़ बंद को सफल बनाने की अपील की गई है।
चैंबर का समर्थन
कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद के फैसले को कई संगठनों ने समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स ने शाम को बैठक लेकर विचार किया और बंद के समर्थन की घोषणा की। शहर कांग्रेस कमेटी ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ बस एसोसिएशन, सब्जी फल विक्रेता संघ, कटोरा तालाब व्यापारी संघ, कपड़ा व्यापारी संघ, एमजी रोड व्यापारी संघ, गुढ़ियारी व्यापारी संघ, स्टेशन रोड, लोहा व्यापारी संघ, दवा विक्रेता संघ, इस्टर्न चैंबर, पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन ने बंद को समर्थन दिया है।
संतों ने देर रात तोड़ा अनशन
गृहमंत्री रामविचार नेताम के निवास से गुरुवार आधी रात को गिरफ्तार साधु-संतों ने पुलिस वाहन में ही अनशन शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे संस्कृति और धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल तथा पीडब्लूडी राज्यमंत्री राजेश मूणत ने पंडरी थाने के बाहर संतों को समझाने की घंटों कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार आधी रात मुख्यमंत्री की पत्नी वीणा सिंह के आग्रह पर संतों ने जूस पीकर अनशन तोड़ा। श्रीमती सिंह के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लता उसेंडी भी थीं।
साधु-संतों के प्रतिनिधि विदर्भ के महामंडलेश्वर सुनील शास्त्री को समझाने का प्रयास दिनभर चला। दोपहर में तो संतों ने गृहमंत्री रामविचार नेताम को ही हटाने की मांग कर डाली थी। वे संत वेदांती के काफिले पर हमला करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से क्षुब्ध थे। उन्होंने गिरफ्तारी के दौरान चार संतों के गायब होने का आरोप भी लगाया और आधी रात के बाद आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दे डाली।
श्रीमती सिंह ने संतों से न सिर्फ अनशन तोड़ने का आग्रह किया, बल्कि ओएसडी विवेक सक्सेना ने मुख्यमंत्री का पत्र भी पढ़कर सुनाया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने पत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को नियमानुसार वापस लेने तथा अन्य मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। इससे संतुष्ट साधुओं ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
युकांई जेल में
पूर्व सांसद रामविलास वेदांती के बयान से भड़के युवक कांग्रेसियों ने शुक्रवार को शाम 5 बजे सड़क पर उनका पुतला घसीटकर गुस्सा उतारा। जयस्तंभ चौक पर पुलिस और युकांइयों में झूमाझटकी भी हुई। पुलिस पुतला छीनने में सफल रही। इस मामले में युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी समेत 44 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
खुली जीप में वेदांती का पुतला बांधकर खालसा स्कूल पंडरी से युकांइयों की रैली निकली। रैली शास्त्री चौक होते हुए जयस्तंभ चौक पहुंची। रैली में शामिल युकांइयों ने रास्तेभर नारेबाजी कर पूर्व सांसद रामविलास वेदांती के खिलाफ जमकर गुस्सा उतारा। जयस्तंभ चौक पर पुतला फूंकने से पहले देर तक हंगामा करते रहे। इस बीच चौक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
युवक कांग्रेसियों ने जैसे ही वेदांती के पुतले को आग के हवाले करने की कोशिश की पुलिस उन पर टूट पड़ी। उन्हें जेल भेज दिया गया। प्रदर्शन के दौरान डेढ़ घंटे तक तक शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक जाम लगा रहा। जेल परिसर में युकांध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि जेल में भी सरकार का विरोध जारी रहेगा और सभी कार्यकर्ता शनिवार को जेल के भीतर और बाहर काले कपड़े पहनेंगे।