भोपाल. भारतीय स्टेट बैंक की कस्तूरबा नगर शाखा के ड्राप बाक्स में डाला गया एक बुजुर्ग महिला का पचास हजार रुपए का चेक किसी अज्ञात व्यक्ति ने भुना लिया। पुलिस बैंक के किसी कर्मचारी की हरकत मानकर जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार शक्ति नगर में रहने वाले दीप वाजपेयी व्यवसायी हैं। मां मालती वाजपेयी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुई हैं। उनका एकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंदौर की जेपी अस्पताल शाखा में है। उन्होंने 50 हजार का एकाउंटपेयी चेक बहू नीता वाजपेयी को दिया था। नीता का एकाउंट भारतीय स्टेट बैंक की कस्तूरबा अस्पताल शाखा में है। नीता तीन मार्च को बैंक पहुंची और क्लर्क से चेक रिसीव करने के लिए कहा, पर उन्हें चेक ड्राप बाक्स में डालने की सलाह दी गई।
बताया गया कि भुगतान तीन दिन में होगा। श्रीमती वाजपेयी ने दैनिक भास्कर को बताया कि वे सात मार्च को जब बैंक पहुंची, तो बताया गया कि खाते में रुपए नहीं आए। उन्होंने सास के जेपी अस्पताल स्थित स्टेट बैक ऑफ इंदौर में एकाउंट की जानकारी ली, तो पता चला कि चेक का भुगतान हो गया है। बैंक के अधिकारी उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं दे रहे थे। जब उन्होंने दबाव बनाया तो चेक बताया गया।
चेक में एकाउंटपेयी के लिए खींची गई दो लाइनों को काटकर मालती वाजपेयी के फर्जी साइन किए गए थे, साथ ही ‘पे-केश’ लिखा था। इस पर एक फोन नंबर लिखा था जो फर्जी पाया गया। भुगतान कराने वाले ने अपना नाम अविनाश लिखा है। इस विषय में दोनों बैंकों से कोई सहयोग नहीं मिलने के बाद श्रीमती वाजपेयी ने गोविंदपुरा थाने में शिकायत की है। मामले में थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह सिकरवार का कहना है कि यह किसी बैंक कर्मी की हरकत है। पुलिस कर्मचारियों के बयान लेकर जांच कर रही है।