राजगढ़. तंवरबाड़ क्षेत्र के गोगड़ियाकला गांव की लीलाबाई तंवर (३0) ने गरीबी से तंग आकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली है। घटना शुक्रवार-शनिवार की रात की है।
मृतक लीलाबाई के भाई प्रेमसिंह मोतीपुरा ने बताया कि उसकी बहन और बहनोई पाले से धनिए की फसल बर्बाद होने के बाद से चिंता में थे। इसके बाद गत मंगलवार को गैस पाइप लाइन कंपनी में लगे कर्मचारियों द्वारा फेंके गए खराब भोजन खाने से उनकी ६ बकरियां मर र्गई। इस विपत्ति को वे सहन नहीं कर पाई। महिला के पति बजैसिंह ने कहा कि पाले से१५ बीघा जमीन की फसल बर्बाद होने से ही वह पूरे तरह टूट चुके थे। सरकारी मदद मिलते नहीं देख पूरी तरह टूट चुकी लीलाबाई ने कीटनाशक पी लिया।
कलेक्टर शिवानंद दुबे कहते है कि शीतलहर से फसलों के नुकसान के बाद कराए गए सर्वे के मुताबिक गोगड़ियाकला मुआवजे के दायरे में नहीं आया है। आरबीसी नियमों के तहत २५ फीसदी से अधिक नुकसान वाले गांवों में ही मुआवजा देने का नियम है। जबकि गोगड़ियाकला गांव में करीब 14 फीसदी ही नुकसान हुआ है। इसी कारण से गांव में मुआवजा नहीं दिया गया है।