जयपुर. राज्यभर से आईं महिलाएं एसएमएस के बाहरी मैदान पर महिला होने का जश्न मना रही थीं, वहीं एनटीटी को बीएसटीसी के समान दर्जा देने की मांग पर शिक्षामंत्री के घर पहुंची प्रशिक्षु शिक्षिकाओं को धकेला गया, घसीटकर पुलिस वैन में डाला गया। इस बीच सराफ ने युवतियों की ओर से नजर फेर ली और उनका ज्ञापन तक नहीं लिया।
दोपहर 11 बजे विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कालेजों में पढ़ने वाली 20 शिक्षिकाएं सराफ के घर पर उन्हें ज्ञापन देने पहुंचीं। सराफ बाहर नहीं आए तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर सराफ बाहर आए और एनटीटी को बीएसटीसी के समान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने शिक्षिकाओं से ज्ञापन भी नहीं लिया। वे जीप में बैठकर जाने लगे तो शिक्षिकाएं जीप के आगे लेट गईं।
सराफ जीप से उतरकर पैदल ही रवाना हो गए। इसी बीच बजाजनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। शिक्षिकाओं को समझाने की कोशिश की और वे नहीं मानीं तो जबरन घसीटकर पुलिस की वैन में डाल दिया। इस दौरान एक युवती बेहोश हो गई, एक के घुटने छिल गए। एक बजे तक थाने में रखने के बाद उन्हें शिक्षा संकुल पर छोड़ दिया गया।
प्रदर्शनकारी सुधा प्रजापत व सुनीता शर्मा ने बताया कि जब मुख्यमंत्री महिलाओं को पुरस्कृत कर रही थीं, उसी दौरान मंत्री उनका अपमान कर रहे थे। एनटीटी को राज्य सरकार ने बीएसटीसी के समान मान्यता दे रखी थी। अचानक मान्यता समाप्त करने से ये कोर्स कर चुकी महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।