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महापड़ाव से पहले गुर्जरों की गिरफ्तारियां

जयपुर. जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर जयपुर में प्रस्तावित महापड़ाव को देखते हुए पुलिस ने गुर्जर नेताओं की गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं। हाड़ौती में 50 से ज्यादा नेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अन्य हिस्सों में भी शनिवार रात तक गिरफ्तारियां जारी थीं। पथिक सेना के अध्यक्ष मुखिया गुर्जर को जेल भेज दिया गया है। इधर, गुर्जर समाज ने दस मार्च को महापड़ाव के लिए जयपुर कूच करने की तैयारी कर ली है।

सरकार ने शनिवार को गुर्जरों को अब विद्याधर नगर स्टेडियम में सभा करने के लिए एक दिन की इजाजत दे दी है। संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने कहा है कि इस सभा में विचार विमर्श के बाद ही गुर्जर महापड़ाव के बारे में फैसला करेंगे। गुर्जर नेताओं ने गिरफ्तारियों पर रोष जाहिर करते हुए सरकार से इन्हें तुरंत रोकने की मांग की है।

संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य विधायक अतरसिंह भड़ाना ने दोपहर में बताया मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने उन्हें गिरफ्तारियां तत्काल रोकने का भरोसा दिलाया है, लेकिन फिर भी गिरफ्तारियां होती हैं तो इससे गुर्जर समाज भड़केगा। उसके बाद यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। गिरफ्तारियां रोकने के बारे में पूछे जाने पर गृह सचिव वी.एस. सिंह ने भी कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

कलेक्टर अखिल अरोड़ा ने बताया कि सुबह 10 से शाम 5 बजे तक विद्याधर नगर स्टेडियम में सभा करने की अनुमति दी गई है। साथ ही पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशों की भी पालना करने करने को भी कहा गया है। मुहाना मंडी में महापड़ाव करने से गुर्जर नेताओं के इंकार के बाद सरकार को नरम रुख अपनाना पड़ा है। इससे पहले सरकार ने मुहाना मंडी में दस से 12 मार्च शाम तक महापड़ाव की इजाजत दी थी, जिसको गुर्जर नेताओं ने मानने से इंकार कर दिया था।

मुख्यमंत्री से मिले भड़ाना, फिर निकला नतीजा

संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य अतरसिंह भड़ाना ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के साथ जाकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनके निवास पर जाकर एक घंटे बातचीत की। इसके बाद ही गुर्जर समाज के लोगों को विद्याधर नगर स्टेडियम में सभा करने की अनुमति दी गई। भड़ाना ने बताया कि सरकार से जो बातचीत में मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी है। संभवत: 47 मुकदमे तो महापड़ाव से पहले ही वापस ले लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री से हुई बात को समाज के लोगों के सामने रखा जाएगा, उसके बाद ही तय होगा कि महापड़ाव करेंगे या महापंचायत। यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्वक होगा।

इन नेताओं को किया गिरफ्तार

पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर को शुक्रवार रात बहरोड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा धौलपुर में सुरेशसिंह, बिजेंद्र, रामवीरसिंह, मुरारीसिंह, संजयसिंह, जण्डैलसिंह, खेतड़ी में पूर्व प्रधान मदनलाल गुर्जर, रामेश्वरलाल गुर्जर, श्योचंद गुर्जर, दयाराम, खेमचंद, उदयपुरवाटी में ओंकारमल, मालीराम, गंगाराम, बिड़दीचंद, तेजपाल गुर्जर को गिरफ्तार किया है। मानपुर में रघुवीर गुर्जर, पूरण, कर्णसिंह, समयसिंह, गिरिराज, हरिनारायण को गिरफ्तार किया गया है। नीमकाथाना क्षेत्र में बालकिशन गुर्जर, प्रभुराम, रामसिंह अमीरचंद को गिरफ्तार किया है।

गुर्जर एकता समझौते को लेकर मतभेद

महापड़ाव के मुद्दे पर विधायक अतरसिंह भड़ाना के मुख्यमंत्री से अकेले ही जाकर बात करने को लेकर अन्य गुर्जर नेताओं में खासा रोष है। इन नेताओं का आरोप है कि भड़ाना ने निर्णायक मंडल और समाज के लोगों को विश्वास में लिए बिना ही मुख्यमंत्री से बात कैसे कर ली। इससे लगता है कि वे महापड़ाव की आड़ में भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए राजनीतिक सौदेबाजी कर रहे हैं।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि कुछ राजनीतिक लोगों ने महापड़ाव को लेकर इसका दुरुपयोग शुरू कर दिया है। गुर्जर समाज के साथ इस प्रकार धोखा बर्दाश्त नहीं होगा। गुर्जर नेता गोपीचंद गुर्जर ने बताया कि विधायक प्रहलाद गुंजल और अतरसिंह भड़ाना ने महापड़ाव का नाटक राजनीतिक सौदेबाजी के लिए किया है जो भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। गुर्जर एकता समन्वय समिति के संयोजक देवकी नंदन काका ने कहा कि राजनीतिक सौदेबाजी समाज के साथ छलावा है।





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