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तीन सौ करोड़ की जमीन डेढ़ करोड़ में

जयपुर.land राज्य सरकार ने प्रतापनगर में प्रस्तावित डिस्ट्रिक्ट सेंटर की 16 एकड़ जमीन एक निजी बैंक को मात्र डेढ़ करोड़ में बेच दी। यह जमीन हाउसिंग बोर्ड की थी जिसके एक हिस्से पर दो कॉलोनियां बसी हुई है। अब इन कॉलोनियों के 300 से अधिक मकान-दुकानों पर तोड़फोड़ की तलवार लटक गई है। जमीन आबंटन की भनक लगते ही लोगों में खलबली मच गई है। उधर करोड़ों की जमीन कौड़ियों में आबंटित किए जाने के खिलाफ हाउसिंग बोर्ड यूनियन भी विरोध में उतर आई और हड़ताल की चेतावनी दे दी है।

बोर्ड ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट (बीडी) की ओर से प्रतापनगर हल्दीघाटी मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड की 300 करोड़ रुपए मूल्य की व्यावसायिक जमीन को एक निजी बैंक को आबंटित करने पर दो दिन पहले मुहर लगा दी गई। जमीन के आबंटन की सूचना मिलते ही गणोश नगर व राधागोविंद नगर के लोग लामबंद हो गए और उन्होंने संघर्ष का एलान किया है।

विकास समिति के अध्यक्ष अजरुनसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में लोगों ने शनिवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। कॉलोनीवासियों का कहना था कि कॉलोनी की जमीन की 90 बी हो चुकी है और राज्य सरकार की ओर से एनओसी दी जा चुकी है। उधर, बीडी के अफसरों का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट सेंटर की जमीन जेडीए को स्थानांतरित कर दी गई है।

निजी बैंक सांस्थानिक दर की 40 फीसदी राशि जेडीए को भुगतान करेगा। इसके बदले जेडीए हाउसिंग बोर्ड को आवासीय योजना के लिए एक सौ एकड़ जमीन देगा। कमिश्नर बीआईपी उमेश कुमार से कॉलोनी के निर्माणों के बारे में पूछा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह बड़ा मामला है। अभी मिनट्स आने दीजिए। निर्माण कितने टूटेंगे, इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

नगरीय विकास विभाग व बीडी के सचिव परविंदसिंह पंवार ने कहा कि रियायती दरों में जमीन आबंटन के कई मामले हैं। इसमें नया क्या है? अभी मैं कुछ नहीं कहूंगा। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संगठन ने सरकार के इस फैसले के विरोध में बोर्ड कमिश्नर व अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन के नेता गिरिंद्र मिश्रा ने कहा कि बोर्ड की 300 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन सिर्फ डेढ़ करोड़ में आबंटित की गई है।

इसके विरोध में कर्मचारी संघर्ष करेंगे। जल्द फैसला वापस नहीं लिया तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निजी बैंक को करोड़ों का फायदा पहुंचाने में सरकार की मिलीभगत नजर आती है। कर्मचारी नेता शशिकांत शर्मा ने कहा कि सरकार ने गुपचुप जमीन आबंटित की है। हाउसिंग बोर्ड से कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। कॉमर्शियल जमीन रियायती दरों पर आबंटित नहीं की जा सकती।

प्रतापनगर की 16 एकड़ जमीन जेडीए को स्थानांतरित की गई है। जेडीए यह जमीन निजी बैंक ग्रुप को कापरेरेट पार्क के लिए देगा। इसके बदले जेडीए बोर्ड को 100 एकड़ जमीन देगा। इस जमीन पर अतिक्रमण चिह्न्ति किए जाएंगे।’
—डी.बी.गुप्ता, जेडीए आयुक्त





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