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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही पटवारियों की प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार शाम से समाप्त हो गई। सरकार ने पटवारियों की अधिकांश मांगें पूरी करने की बात कही है। हड़ताल समाप्ति के बाद सोमवार से सभी पटवारी अपने-अपने हल्कों में नजर आंएंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संतोष पाण्डेय ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में 2 मार्च को एक बैठक रखी गई थी। बैठक में पटवारियों की आठ सूत्रीय मांगों पर चर्चा की गई। पटवारियों की 55 सौ रुपए वेतनमान संबंधी मांग पर श्री अग्रवाल ने कहा कि वेतन के किसी भी मामले में सरकार नहीं, बल्कि वेतन आयोग ही निर्णय देगा। नायब तहसीलदार के पदों पर विभागीय परीक्षा लेकर सीधी पदोन्नति की मांग स्वीकार कर ली गई।
इसी तरह अतिरिक्त प्रभार पर रहने के दौरान पटवारी को मूल वेतनमान का 10 प्रतिशत अतिरिक्त दिया जाएगा। रुटीन के अलावा अतिरिक्त कार्य के एवज में पटवारी को अब मानदेय दिया जाएगा। श्री पाण्डेय ने बताया कि शासन ने प्रदेश के 15 सौ पटवारी हल्कों में कंप्यूटर दिया है, लेकिन स्टेशनरी खर्च नहीं दिया है। अब प्रत्येक हल्के को इसके लिए सालाना 15 सौ दिया जाएगा। इसी तरह यात्रा भत्ता के रूप में प्रतिमाह 150 रुपए दिए जाएंगे। श्री पाण्डेय ने कहा कि संभागीय अध्यक्ष से बदसलूकी एवं अपमानित करने वाले एसडीएम बिलासपुर के विरुद्ध कारवाई की मांग पर भी राजस्व मंत्री ने हामी भरी है। बताया गया कि एसडीएम को शोकाज नोटिस भी जारी किया गया है।
27 दिनों बाद बनेंगे नक्शे-खसरे
पटवारियों ने 11 फरवरी से हड़ताल शुरू की थी, जो 7 मार्च तक चली। इस दौरान 27 दिनों तक पटवारी हल्कों में काम बंद था। किसान समतलीकरण एवं खसरा, बी-वन की नकल के लिए भटक रहे थे। इसी तरह जिला कार्यालय में रजिस्ट्री भी प्रभावित हो रही थी। सोमवार से हल्कों में फिर नक्शा, खसरा बनने के साथ ही बी-वन की नकल निकलने लगेगी।