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गरीब नवाज यूनिवर्सिटी पर मुहर

अजमेर. दरगाह कमेटी ने अजमेर में गरीबनवाज यूनिवर्सिटी की स्थापना की कवायद शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी के लिए कमेटी की 230 बीघा जमीन दी जाएगी। यह जानकारी शनिवार को कमेटी के सदर नवाब मोहम्मद अब्दुल अली ने ‘भास्कर’ को दी। वे कमेटी की बजट बैठक में शिरकत करने अजमेर आए थे। उन्होंने बताया, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय गरीबनवाज विश्वविद्यालय स्थापित करेगा।

कायड़ में लगभग 230 बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कमेटी द्वारा संचालित ख्वाजा मॉडल स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मान्यता मिल चुकी है। यह बड़ी उपलब्धि है। यहां सीबीएसइ के मापदंडों के अनुरूप ही शिक्षक भर्ती किए जाएंगे।

सुरक्षा के माकूल इंतजाम

सदर नवाब अली ने बताया कि दरगाह की सुरक्षा के प्रति कमेटी गंभीर है। बम विस्फोट के बाद कमेटी ने परिसर में माकूल इंतजाम किए हैं। उच्च क्षमता के सीसी कैमरे लगाए गए हैं। खुफिया महकमे को कम्प्यूटर और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध कराया गया है। बम विस्फोट की घटना किसने अंजाम दी और अब तक मामले की जांच में क्या प्रगति हुई, यह राज्य सरकार का मसला है। कमेटी को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सीबीआइ जांच कर रही होती तो केंद्रीय मंत्रालय हस्तक्षेप करता।

कमेटी के चुनाव सितंबर में

कमेटी ने प्रस्ताव पारित किया है अब सदर व नायब सदर का चुनाव सितंबर में हुआ करेगा। यह प्रस्ताव इसलिए लाया गया क्योकि नवाब मोहम्मद अब्दुल अली की सदारत को एक साल पूरा नहीं हुआ है। कमेटी के बायलॉज के मुताबिक सदर का कार्यकाल एक साल का होना चाहिए। कमेटी की बैठक अब मई के अंत में होगी। इसमें लंबित मामलों और उर्स व्यवस्थाओं कर चर्चा की जाएगी।

एक्स-रे मशीन का प्रस्ताव खारिज

कमेटी द्वारा दरगाह में सुरक्षा के उपायों के तहत एक्स- रे मशीन लगाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मशीन पर लगभग 25 लाख खर्च होना बताया गया था। कमेटी ने परिसर में उच्च क्षमता के कैमरे लगाने के लिए 26 लाख की मंजूरी दी है। कमेटी की क्रय समिति में इलियास कादरी को सदस्य बनाया गया है।

अस्थायी कर्मचारी नियमित नहीं

नाजिम द्वारा कमेटी में लंबे अरसे से डेली वेजेज पर चल रहे कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव लाया गया। इसे कमेटी ने फिलहाल नामंजूर कर अगली बैठक तक के लिए टाल दिया है। कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बनी।

मिनिट्स में फेरबदल!

दरगाह कमेटी सदस्य इस बात पर बिगड़े नजर आए कि हाउस में जो बातें तय की जाती हैं, वे उनके पास पहुंचने वाले मिनिट्स में नहीं होतीं। कमेटी के पदाधिकारियों के पास भी शिकायतें पहुंची थीं। एडवोकेट तिरमिजी ने भी इस तरह की शिकायत की। इस पर सभी सदस्यों ने नाजिम अहमद रजा को व्यवस्था सुधारने और जो बात तय हो उसे ही मिनिट्स में लिखने के निर्देश दिए।





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