भोपाल. करीब सवा साल पहले पिपलानी स्थित स्टेट बैंक आफ इंदौर के एटीएम काउंटर से हुई आठ लाख 71 हजार रुपए की चोरी के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस काउंटर में यह रुपए रखे ही नहीं गए थे। स्टेट बैंक आफ इंदौर के पिपलानी स्थित काउंटर से पांच दिसंबर 2006 को आठ लाख, 76 हजार रुपए चोरी जाने की शिकायत की गई थी।
इस मशीन से बाहरी तौर पर कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी। उस वक्त हुई जांच में यह बात आई थी कि मशीन को कोड और ओरिजनल चाबी से खोला गया है। यह कोड बैंक के अफसरों को ही मालूम होता है और चाभी भी बैंक में ही होती है। पुलिस ने इसके बाद बैंक प्रबंधन को अपने अफसरों पर जिम्मेदारी तय करने के लिए लिखा था। प्रबंधन ने इस मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की।
पुलिस ने पिछले महीने राजधानी के एटीएम काउंटरों में तोड़फोड़ कर चोरी करने वाले युवक सत्कार दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। करोड़पति बनने की चाह और नशे की लत ने इस कामर्स ग्रेजुएट युवक को चोर बना दिया। पुलिस ने उससे पिछले साल एटीएम काउंटर से हुई पौने नौ लाख रुपए की चोरी के बारे में भी पूछताछ कीे।
इस पूरे मामले की नए सिरे से पड़ताल की गई, तो पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इस काउंटर में रुपए रखे ही नहीं गए थे। इसमें बैंक के ही कर्मचारियों का हाथ होने की बात कही गई। पिपलानी थाना प्रभारी आरआर बंसल के अनुसार मशीन में पैसे नहीं रखने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले में बैंक प्रबंधन अपने स्तर पर जांच कर रहा है, लेकिन इससे पुलिस को अवगत नहीं कराया गया है।