इंदौर. महानगर का आकार लेते इंदौर में ब्रॉड गेज के तीन प्लेटफॉर्म से ही 23 जोड़ी ट्रेन चलाई जा रही हैं। इनमें 12 जोड़ी दैनिक और 11 जोड़ी साप्ताहित ट्रेनें शुमार हैं। ऐसे में वैकल्पिक रेलवे स्टेशन की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है।
इंदौर मई 1956 में ब्रॉडगेज लाइन से जुड़ा तबसे प्लेटफॉर्म तीन ही हुए मगर ट्रेनें बढ़ती गईं। स्टेशन शहर के बीच होने के कारण ज्यादा विस्तार संभव नहीं। जितनी संभावना थी उतना किया जा चुका है। विकल्प की तलाश करें तो लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन सबसे बेहतर नजर आता है। जानकारों के अनुसार वहां से कई ट्रेने चलाई जा सकती हैं और कई को स्टॉपेज दिया जा सकता है।
इससे इंदौर स्टेशन का दबाव कम होगा। यह स्टेशन विकसित हो जाए तो इंदौर को कई ट्रेन मिल सकती हैं। सांसद सुमित्रा महाजन ने भी इसके लिए कई प्रस्ताव भेजे हैं। विधायक अश्विन जोशी ने कहा इंदौर-उदयपुर और इंदौर-ग्वालियर ट्रेन चलने के बाद इंदौर स्टेशन पर दबाव और बढ़ जाएगा। ऐसे में लक्ष्मीबाईनगर को वैकल्पिक स्टेशन बनाना आवश्यक है।
दोपहर-रात खासा दबाव
दोपहर साढ़े बारह से शाम पांच बजे के बीच इंदौर से मालवा (12.25), अवंतिका (शाम 3.50), निजामुद्दीन (4.20) और नर्मदा एक्सप्रेस (शाम पांच बजे) रवाना होती है। इसके अलावा शनिवार को देहरादून, सोमवार को अहिल्यानगरी (शाम 4.05) सप्ताह में तीन दिन इंदौर-पुणो दोपहर 2 बजे रवाना होती है। अवंतिका, नर्मदा, निजामुद्दीन, मालवा आती भी हैं। सोमवार-बुधवार को साप्ताहिक ट्रेनों के कारण ज्यादा दिक्कत आती है।
पिटलाइन और मेंटेनेंस की दिक्कत भी
इंदौर में तीन पिटलाइन है और चौथी का काम चल रहा है। एक ट्रेन के मेंटेनेंस में छह घंटे लगते हैं। निजामुद्दीन, अवंतिका, जयपुर, जोधपुर ट्रेन का मेंटेनेंस इंदौर में नहीं होता है। सफाई और जनरल चेकिंग ही की जाती है।
न शेड, न सुरक्षा के साधन
पचास साल पुराने लक्ष्मीबाईनगर रेलवे स्टेशन पर जमीन तो पर्याप्त है लेकिन सुविधाओं के नाम पर फिलहाल कुछ नहीं है। वहां अभी ब्रॉड गेज और मीटर गेज के एक-एक प्लेटफार्म हैं। एकमात्र ब्रिज जर्जर हो चुका है और शेड आधे स्टेशन पर ही है जिसके विस्तार की जरूरत है। एक प्लेटफॉर्म की उंचाई भी ट्रेन के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। रात में प्रकाश व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं। सुरक्षा के कोई साधन नहीं है। स्टेशन के आसपास सुरक्षा के लिहाज से दीवार बनना चाहिए और टिकट वेंडिग मशीन भी लगना चाहिए। साफ पानी की मशीन भी यहां नहीं। एप्रोच रोड और वहां तक पहुंचने के साधन भी उपलब्ध नहीं।
अभी चार ट्रेन के स्टॉपेज
लक्ष्मीबाईनगर में फिलहाल ब्रॉडगेज की चार ट्रेन इंदौर-मक्सी, उज्जैन, नागदा और बिलासपुर एक्सप्रेस रुकती है। इसके अलावा ज्यादातर ट्रेन क्रॉसिंग के लिए खड़ी रहती है।