जयपुर ब्रrापुरी इलाके में जयसिंहपुरा खोर की शारदा कॉलोनी में रविवार तड़के दो मंजिला मकान गिर जाने से उसमें सो रहे 21 बंगाली मजदूर दब गए, जिनमें से दो की मौत हो गई। चौदह जनों को आसपास के लोगों ने सकुशल निकाल लिया। गंभीर घायल चार लोगों को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये सभी मजदूर आरी-तारी का काम करते हैं। मकान कमजोर नींव के कारण धंसा।
मकान मालिक अशोक कुशवाहा ने करीब नौ साल पहले दो मंजिला मकान बनवाया और उसे किराए पर देकर खुद पास के दूसरे मकान में रहने लगा। कुछ महीने पहले यह मकान पश्चिम बंगाल निवासी विक्रम तथा चितरंजन ने किराए पर लिया था। पहली मंजिल पर चितरंजन ने तथा भूतल पर विक्रम ने आरी-तारी का कारखाना लगा रखा था। मकान में चालीस मजदूर काम करते थे।
..और मलबे में बदल गया :
रविवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे मकान गिर गया। मलबे में दबे लोगों की चीख पुकार सुन आसपास के सैंकड़ों लोग एकत्रित हो गए। किसी ने पुलिस को सूचना भी दे दी। आसपास के लोगों ने घायलों को निकाल कर सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जलपाईगुड़ी निवासी विश्वजीत उर्फ पुष्का (20) तथा महादेव बंगाली (22) को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद दो जेसीबी मशीनों से जब ध्वस्त मकान की छत हटाई जा रही थी, तो अशोक का पास वाला मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। फिर उसकी रजामंदी से उसका यह मकान भी तोड़ दिया गया। मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके साथियों को सौंप दिए।
इन्होंने देखा मौत को नजदीक से: मलबे ले निकाले गए किरण राय, चांद मंडल, आलोक, सांवलदास, अजीत राय, गोकुल दास, विष्णुराय, जगदीश, विप्लव, अमजद, चितरंजन, गौरांग, श्रीकृष्ण तथा गोपाल काफी घबराए और सहमे हुए थे। हादसे के बाद वे एक साथ मकान से काफी दूर बैठे थे। उन्होंने बताया कि दो तीन दिन पहले उनके करीब दस साथी पश्चिम बंगाल चले गए थे। सोमवार को उनको भी तनख्वाह मिलने वाली थी। इसके बाद वे भी गांव जाने वाले थे। उन्होंने बताया कि जिस जगह वे सो रहे थे उस तरफ का गिरी छत का हिस्सा सरियों से अटका हुआ था।
इस कारण वे बच गए। सुबह साढ़े 5 बजे बजे जब मकान गिरा, तो चारों तरफ अंधेरा होने के कारण वे कुछ भी समझ नहीं पा रहे थे। करीब आधे घंटे बाद एक हिस्से से प्रकाश की किरण दिखाई दी तो वे उस ओर छत के हिस्से को हटाने में लग गए और निकलने जितनी जगह बनाई। इस दौरान बाहर जमा सैंकडों लोग भी हमको निकालने में जुट गए और 14 मजदूर सकुशल बाहर आ गए।
हादसे की आशंका से दूसरा मकान भी ढहाया: प्रशासन व पुलिस ने किसी दूसरे हादसे की आशंका से मकान मालिक अशोक कुमार कुशवाहा की रजामंदी से उसका दूसरा मकान भी ढहा दिया। पुलिस का मानना था कि हादसे में मकान से सटे अशोक के दूसरे मकान का कुछ हिस्सा ढह गया था। उसमें बड़ी दरारें पड़ गई थी। जिससे उसे भी तोड़ दिया गया।