News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. अंबिकापुर से लाए गए कैदियों को मिलाकर जेल में बंद नक्सलियों की संख्या 21 हो गई है। यहां पहले से ही नक्सली नेता डा. विनायक सेन कैद है। सूत्रों के अनुसार नक्सली बंदियों को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से शिफ्ट करने की पूरी कार्रवाई दंतेवाड़ा जेल ब्रेक की घटना के बाद पीएचक्यू के निर्देश पर सुरक्षा के मद्देनजर की जा रही है। बताया जाता है कि जेलों में क्षमता से अधिक बंदियोंे के होने से उनके बीच नक्सलियों के रखने में समस्याएं उत्पन्न हो रही थी।
उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर केंद्रीय जेल में नक्सलियों को सामान्य बंदियों के साथ ही बैरकों में रखा जाता है। इसी बीच दंतेवाड़ा में हुई जेल ब्रेक की घटना के बाद जेलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस घटना के बाद शासन ने प्रदेश की सभी जेलों खासतौर से ऐसी जेलों की, जहां नक्सली बंदी रहते हैं, सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई। जांच में जहां नक्सलियों के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, वहां से नक्सलियों को न्यायालय के आदेश पर दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके तहत 8 मार्च को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में महिला नक्सली कौलेश्वरी, संगीता, इंदू सहित संजय चक्रधारी, संतोष, तुलसी, फिलीप उर्फ कामेश्वर, संतोष यादव, रामजतन, हीरालाल, गौतम, बंजारी उर्फ सचिन, नरेश, शंभू, विशाल, बालेश्वर उर्फ बड़ा विकास, रामदेव उर्फ साधु व महेश उर्फ सुरेश को यहां जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इन सभी के खिलाफ लूट, डकैती, हत्या और नक्सली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। सेंट्रल जेल में पहले से ही 4 नक्सली कैद हैं। इनके आने से नक्सलियों की तादात बढ़ गई है।
इसके मद्देनजर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, गश्त और जांच बढ़ा दी गई है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि नक्सली कैदी, दूसरे कैदियों के संपर्क में नहीं आएं और एक साथ संगठित न होने पाए। जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने बताया कि फिलहाल जेल में 19 बैरक हैं और 13 नई बैरकें और बन रही है। इसके चलते यहां जगह की समस्या नहीं है। सभी बैरकों में 2-2 नक्सलियों को रखा जाएगा। इससे उनके आपस में संपर्क करने का खतरा नहीं रहेगा। उल्लेखनीय है कि यहां दुर्ग, रायपुर, जगदलपुर के करीब 20 खूंखार कैदियों को भी रखा गया है।
भूख हड़ताल की चेतावनी दी
नक्सलियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की कार्रवाई के विरोध में रविवार को अंबिकापुर जेल में बंद अन्य नक्सलियों ने जेल प्रशासन को भूख हड़ताल की चेतावनी दी। उन्होंने सुबह से भोजन नहीं किया था। जेल के अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के खाना नहीं खाने की बात आज सुबह सामने आई थी, पर बाद में वे मान गए।