जयपुर. झोटवाड़ा थाना इलाके में लगातार दूसरे दिन एक और हत्या हो गई। दो कबाड़ियों ने शनिवार रात को एक कबाड़ व्यापारी की चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को 18 किमी दूर सरना डूंगर औद्योगिक क्षेत्र में फेंक दिया। रविवार शाम पुलिस ने दोनों आरोपियों रामनरेश कुर्मी और मंजेश कुर्मी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने अपना धंधा चौपट हो जाने की रंजिश में यह हत्या की। शनिवार को भी इसी क्षेत्र में एक क्षत-विक्षत शव मिला था। पुलिस ने बताया कि झोटवाड़ा निवासी मुख्य आरोपी रामनरेश रावण गेट के पास धातुओं को गलाने का काम करता है। उसको सीकर रोड निवासी स्क्रैप व्यापारी राकेश टोडवाल (35) ने ७२ किलो पीतल बेचा था। शनिवार को जब राकेश ने पीतल के १९ हजार रुपए मांगे, तो रामनरेश ने उसे शाम ७ बजे निवारू रोड पुलिया पर बुलाया। राकेश स्कूटर से वहां पहुंचा, तो दोनों आरोपी इंडिका कार में उसका इंतजार कर रहे थे।
पौन घंटे तक छटपटाया राकेश: राकेश को कार में बिठाकर मंजेश ने रस्सी का फंदा उसके गले में डालकर कस दिया। पौन घंटे तक छटपटाने के बाद राकेश ने दम तोड़ दिया। आरोपियों ने शव सरना डूंगर ले जाकर फैक्ट्रियों के पास डाल दिया।
सबसे पहले सबूत मिटाए: हत्यारों ने पेशेवराना अंदाज से सबसे पहले मृतक राकेश की जेब से पांच हजार रुपए और मोबाइल निकाला। उसके जूते रेलवे लाइन के पास फेंक दिए। फिर उसके मोबाइल से सिम, बैट्री निकालकर फेंक दी। रामनरेश ने बताया कि हत्या करने के बाद रात दस बजे वे साढू के घर जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर अपने घर चले गए।
ऐसे आए पकड़ में: रविवार सुबह पुलिस को सरना इलाके में शव मिलने की सूचना मिली। सूचना देने वाले ने राकेश की भी पहचान कर दी। पुलिस द्वारा राकेश की कॉल डिटेल निकाली गई जिसमें सबसे आखिर में रामनरेश से बात होने का रिकॉर्ड था। पूछताछ में रामनरेश ने रात को घर पर रहना बताया, जबकि उसकी मोबाइल लोकेशन सरना डूंगर की थी। कुछ देर बाद ही उसने जुर्म कबूल कर लिया।
उसे तो मरना ही था : रामनरेश ने बताया कि राकेश ने उसे व्यापार में काफी घाटा दिया था। उसका घर भी बिक चुका था। पिछले पांच महीनों से वह राकेश को मारने की योजना बना रहा था। आखिर शनिवार को उसने इस काम को अंजाम दे दिया।