HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

कांग्रेस पर बरसा तीसरा मोर्चा

जयपुर. चार राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री रविवार को जयपुर में हुई किसानों की रैली में केंद्र की यूपीए सरकार पर जमकर बरसे। कांग्रेस और भाजपा को पूंजीपतियों की पार्टी बताते हुए इन नेताओं ने कहा कि किसान, मजदूर और कमेरों के लिए यूएनपीए (यूनाइटेड नेशनल प्रोग्रेसिव एलायंस) नया विकल्प है। उन्होंने अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस व भाजपा की सरकारों को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

यूएनपीए की ओर से जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित रैली को उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायमसिंह यादव, आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने संबोधित किया। इनेलो नेता अजय चौटाला, सपा महासचिव अमरसिंह, असम गण परिषद के सांसद सर्वानंद सोनवाल सहित प्रदेश के पदाधिकारियों ने भी रैली में विचार व्यक्त किए।

मौसम की खराबी के कारण तीन घंटे देरी से पहुंचे इन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की वजह से महंगाई आसमां छू रही है। गरीब और गरीब और अमीर और अमीर हो रहा है। दोनों के बीच खाई बढ़ती जा रही है। उन्होंने किसानों की समस्याओं, केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति, आरक्षण के नाम पर लोगों को जातियों और मजहब में बांटने, किसानों के आत्महत्या करने के लिए केंद्र की यूपीए सरकार और कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि यूएनपीए के आंदोलन की वजह से केंद्र सरकार ने अपने आखिरी बजट में किसानों के कर्जे माफ करने की घोषणा की है। रैली में खास बात यह रही कि चारों मुख्यमंत्रियों ने राज्य सरकार पर निशाना नहीं साधा बल्कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह, वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की नीतियों पर ही प्रहार किए। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और राज्य की मुख्यमंत्री वसंधुरा राजे का नाम तक नहीं लिया।

किसने क्या कहा

मुलायमसिंह ने कहा कि राजस्थान में भी गुर्जरों व मीणाओं को लड़वाया जा रहा है। इसके पीछे भी कांग्रेस का ही हाथ है। मीणा भाइयों को भी गुर्जरों को आरक्षण देने की बात स्वीकार करनी चाहिए। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राजस्थान में किसानों की दुर्दशा को देखकर दुख हो रहा है। पानी नहीं होने के बावजूद किसान पसीना बहाकर सिंचाई कर रहे हैं। इसके पीछे कांग्रेस और यूपीए सरकार की नीतियां ही जिम्मेदार है।

ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से ही सेज के लिए किसानों की जमीनों को अधिग्रहीत कर कौड़ियों के दाम में उद्योगपतियों को उपलब्ध करवाई जा रही है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार देश के किसानों को लाभकारी मूल्य देने की बजाय विदेशों से महंगा अनाज खरीद रही है। महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हमलों को लेकर कांग्रेस ने बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं किया।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: