अजमेर. पिछले करीब बीस वर्षो से मुफ्त का पानी पी रही रेलवे और नगर परिषद ने यदि अब भी बिल नहीं चुकाए, तो उनके नल जल्दी ही सूख जाएंगे। जलदाय विभाग ने लम्बे समय से बिल नहीं चुकाने वालों के कनेक्शन काटने की तैयारी कर ली है। ऐसे डिफॉल्टरों में आम उपभोक्ताओं के अतिरिक्त सरकारी दफ्तर व आवास भी शामिल हैं, जिन पर दो से पांच वर्ष तक के बिल बकाया चल रहे हैं।
राजस्व खंड के अन्तर्गत अजमेर शहर में सरकारी दफ्तरों के साथ घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर 2 करोड़ 83 लाख 93 हजार रुपये बकाया हैं। चालू वित्तीय वर्ष में शहर में पांच हजार से ज्यादा पेयजल उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं।
अकेले नसीराबाद छावनी पर पानी के बिल के पांच करोड़ रुपये बकाया हैं। सरकार के जरिए सेना मुख्यालय और रक्षा मंत्रालय से भुगतान करने को कहा गया है। छावनी क्षेत्र में जलापूर्ति का बिल अजमेर शहर वितरण खंड द्वारा वसूला जाता है।
-अनिल भार्गव , अधीक्षण अभियन्ता, जल महकमा
मुख्य अभियन्ता के निर्देश पर सरकारी दफ्तरों को बकाया चुकाने और सामान्य उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने के नोटिस दिये गये हैं।
-संपत जीनगर, कार्यवाहक अधिशासी अभियन्ता, राजस्व खंड, जल महकमा
किस पर कितना बाकी
विभाग बकाया राशि नसीराबाद छावनी 5 करोड़ अजमेर नगर परिषद 1.56 करोड़ रेलवे 23.90 लाख लवकुश गार्डन 47,482रु. एइएन डिस्कॉम, गनाहेड़ा 13,723रु. सहायक निदेशक, नियोजन दफ्तर 10,550रु. नगर परिषद आयुक्त आवास 5,500रु. रेल डाक सेवा दफ्तर 4,188रु. पुरातत्व विभाग 3,513रु. राजेंद्र स्कूल, पहाड़गंज 3,956रु.