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Chandigarh Chandigarh पंचकूला
रविवार की शाम सेक्टर-3 क्रिकेट स्टेडियम में आईसीएल ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला मैच, सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन इंतजार रहा तो मैच देखने वालों का। दस हजार की क्षमता वाले इस स्टेडियम में रविवार को मुश्किल से 200 से लोग मौजूद थे। 8 स्टैंड में से 6 तो खाली ही रहे। सिर्फ 2 स्टैंड्स में दर्शकों की मौजूदगी नजर आई। हालांकि आयोजकों को उम्मीद थी कि रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण स्टेडियम खचाखच भरा होगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यहां तक कि बॉलीवुड की हॉट गर्ल नेहा धूपिया की परफॉर्मेस भी लोगों की भीड़ न खींच सकी। नेहा को करीब 200 लोगों के सामने ही प्रोग्राम पेश करना पड़ा।
आज उदिता करेंगी परफॉर्म:
नेहा धूपिया के बाद सोमवार को आईसीएल टूर्नामेंट में उदिता गोस्वामी अपनी परफॉर्मेस देंगी।
कमी रही प्रचार में
स्टेडियम को खाली देख कर आयोजक भी हैरत में हैं। दिल्ली जायंट्स के क्रिकेट मैनेजर अशोक मल्होत्रा ने कहा कि टूर्नामेंट का सही तरीके से प्रचार नहीं किया गया। मैच की टिकटों की सेल भी एक दिन पहले ही की गई। हालांकि अशोक मल्होत्रा ने कहा कि एग्जाम भी इसकी एक वजह हो सकते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट रोमांचक दौर में पहुंचेगा, वैसे ही दर्शक मैच देखने स्टेडियम आने लगेंगे।
एग्जाम ने बिगाड़ा गणित: मोरे
आईसीएल के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य किरण मोरे ने कहा कि इस समय सीबीएसई के एग्जाम होने की वजह से लोग स्टेडियम में नहीं आए। क्राउड में स्टूडेंट्स की तादाद हमेशा ज्यादा होती है, लेकिन एग्जाम की वजह स्टूडेट मैच देखने नहीं आए। मोरे ने कहा कि आने वाले मैचों में उन्हें उम्मीद है कि लोग ट्वेंटी-20 का रोमांचक मुकाबला देखने जरूर आएंगे। यह पूछे जाने पर कि इस बार टिकटों के रेट ज्यादा होने की वजह से भी क्या क्राउड पर असर पड़ा है। मोरे ने कहा कि जो क्रिकेट के दीवाने होते हैं उन्हें टिकटों के रेट से कोइ फर्क नहीं पड़ता। मुझे उम्मीद है पंचकूला के लोग मैच जरूर देखेंगे।
टिकटों के रेट ज्यादा
पिछली बार टिकटों के रेट 150 और 100 रुपये थे, जबकि इस बार 200 और 500 रुपये रखे गए हैं। 200 रुपये वाले स्टैंड में बैठे सतलुज पब्लिक स्कूल के 9वीं क्लास के आदित्य ने बताया कि उन्होंने टिकट नहीं बल्कि किसी जानकार से पास लिया है। उनके साथ बैठे सौरव और कुनाल भी किसी से पास ले कर ही मैच देखने आए थे। भीड़ कम होने की एक वजह टिकट के महंगे रेट को भी माना जा रहा है।