गंजम (उड़ीसा): कांग्रेस महासचिव और युवा सांसद राहुल गांधी ने अपने उड़ीसा दौरे में रविवार को दूसरी बार सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर रात को गांव का दौरा किया और आदिवासियों से उनके अनुभव सुने। सूत्रों के अनुसार, उड़ीसा का गृह मंत्रालय राहुल गांधी के इन रात्रि दौरों के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से शिकायत करने पर विचार कर रहा है।
एसपीजी स्थानीय पुलिस के जवानों को राहुल के गायब होने का पता तब लगा, जब वे अपने नियत स्थान पर सोने नहीं पहुंचे। पुलिस राहुल को तलाशती रही, वहीं दूसरी ओर उन्होंने रात का खाना तनमना गांव के लोगों के साथ खाया और उनके अनुभव भी सुने।
ऐसी क्या जरूरत थी : तनमना गांव महज 82 घरों की बस्ती है, जहां सभी लोग गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करते हैं। यह गांव सामुदायिक प्रयास से संपूर्ण स्वच्छता व शराबबंदी को लागू करने के कारण सुर्खियों में आया था।
पहले भी : राहुल गांधी इससे पहले शुक्रवार को नक्सल प्रभावित इलाके में बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं न जाने की पुलिस की चेतावनी को अनदेखा करते हुए चुपके से एक आदिवासी गांव में चले गए थे।
प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के ठहरने का इंतजाम गोपालपुर के मशहूर सागर तट के किनारे एक रिसॉर्ट में किया था। इस जगह स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी कांग्रेस महसचिव की एक बाइट लेने के लिए मोर्चा संभाल चुकी थी, लेकिन राहुल वहां पहुंचे ही नहीं।