नई दिल्ली:
दूरसंचार क्रांति से अब तक महरूम देश के 14,358 गांवों में केंद्र सरकार इस साल जून के अंत तक सार्वजनिक टेलीफोन सेवा उपलब्ध करा देगी। इस योजना से छत्तीसगढ़ के उन 1870 गांवों को भी लाभ होगा, जहां टेलीफोन सेवा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज वाले गांवों में भी सार्वजनिक टेलीफोन लगाए जाएंगे।
केंद्र सरकार देश के 500 जिलों में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के तहत 11 हजार से अधिक टॉवर लगाने का भी काम कर रही है। दूरसंचार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण तथा दूर-दराज के कई क्षेत्रों में ग्रामीणों को दूरसंचार क्रांति का लाभ दिलाने के लिए सभी निजी कंपनियों से उनकी ढांचागत संरचना और टॉवरों के साझा उपयोग की सुविधा देने को भी कहा गया है।
समझौते : दूर-दराज के क्षेत्रों में ढांचागत आधार बढ़ाने के लिए बीएसएनएल, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, हचिसन एस्सार, एनआईटीएल और रिलायंस कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ समझौता किया गया है। इसके अलावा कई कंपनियों से ग्रामीण क्षेत्रों में टॉवर लगाने के लिए भी समझौता किया गया है। इस मद में 1450 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
यूएसओएफ के तहत ऐसे 7871 टॉवर और अन्य ढांचागत सुविधाएं लगाने की प्रक्रिया पहले से ही की जा रही है, जिसे सभी ऑपरेटर उपयोग में ला सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक और जिला स्तरीय संवाद तंत्र को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है।