जयपुर.भाजयुमो ने फिल्म निर्माताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की
सेंसर बोर्ड की अनुमति नहीं, फिल्म के जरिये प्रदेश का सौहाद्र्र बिगाड़ने का आरोप
गुजरात में हुए एनकाउंटर पर केंद्रित फिल्म ‘एनकाउंटर ऑन सेफ्रन एजेंडा’ पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कारण गुरुवार को इसे रिलीज करने के लिए प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष अशोक लाहोटी ने आरोप लगाया कि फिल्म में सिमी, जमाते-इस्लामी हिंद जैसे संगठनों का पैसा लगा हुआ है।
गुजरात सहित अन्य राज्यों में जब फिल्म निर्माता सुब्रदीप चक्रवर्ती फिल्म रिलीज नहीं कर पाए तो चोरी छिपे उन्होंने राजस्थान का रुख कर लिया। गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए लोगों को फिल्म में देशभक्त बताया गया है। यह सांप्रदायिक माहौल बिगाड़कर वर्ग विशेष को भड़काने की कोशिश है।
भाजयुमो ने गृह मंत्री और कलेक्टर से फिल्म निर्माताओं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। प्रदेश मंत्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज का कहना है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की अनुमति नहीं है और इसे रिलीज करना गैर कानूनी है।
इन मुठभेड़ों पर केंद्रित है फिल्म समीर खान पठान, सादिक
जमाल, इशरत, जावेद शेख, सोहराबुद्दीन। डेढ़ घंटे की इस फिल्म में मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजनों व रिश्तेदारों के बयान हैं। फिल्म में गोधरा कांड का विवादास्पद चित्रण करने का भी आरोप है।