भोपाल. शिक्षा सत्र 2008-09 प्रदेश के लिए अनेक मायनों में अनूठी शुरुआत वाला साबित हो सकता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित स्कूलों में दसवीं और बारहवीं के अनेक विषय एनीमेशन के जरिए पढ़ाए जाएंगे वहीं इन कक्षाओं में गणित की प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। नए शिक्षा सत्र से दसवीं और बारहवीं का कोर्स भी बदला जा रहा है। इसके साथ ही पढ़ाई की नई प्रणाली भी शुरू की जा रही है। जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार जिलों में की जाएगी। इनमें से फिलहाल केवल भोपाल का नाम तय माना जा रहा है।
हायर सेकंडरी पर फोकस
नई पद्घति के तहत पहले हायर सेकंडरी (बारहवीं) पर फोकस किया जाएगा। सबसे ज्यादा जोर गणित, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलाजी और कामर्स पर रहेगा। अगले चरण में हाईस्कूल के कठिन विषयों को इस पद्घति से जोड़ा जाएगा।
फिलहाल क्या
स्कूल शिक्षा विभाग नई पद्घति की कार्ययोजना बनाने जा रहा है। इसके लिए 16 मार्च को राजधानी के होटल पलाश में एक कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसमें राजधानी के हायर सेकंडरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले गणित, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलाजी एवं कामर्स के शिक्षकों को बुलाया गया है। जहां जबलपुर स्थित विज्ञान शिक्षा संस्थान के विषय विशेषज्ञ इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
- जिन चार जिलों को इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया जाना है वहां के शिक्षकों को गरमी की आगामी छुट्टियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिक्षण प्रणाली को उन्नत करने के लिए विषय विशेषज्ञों की कार्यशाला बुलाई है। इसमें आए सुझावों के आधार पर शिक्षण व्यवस्था में बदलाव तय किए जाएंगे।
—बीआर नायडू, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय