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कोषालय आज बंद रहेंगे,कर्मचारी हड़ताल पर

भोपाल. इससे एक हजार करोड़ रुपए के लेनदेन पर प्रभाव पड़ने के आसार है। संयुक्त मोर्चे का कहना है कि इस हड़ताल के बाद भी शासन उनकी मांगों पर विचार नहीं करता है तो वे 24 से 26 मार्च तक क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे और 27 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

राज्य में प्रतिदिन विभिन्न मदों में खर्च के लिए 53 कोषालय एवं 159 उप कोषालयों से एक हजार करोड़ का लेनदेन होता है, जो नहीं हो सकेगा। राज्य के वित्तीय सेवा के अधिकारी पहली बार हड़ताल पर जा रहे हैं। इधर सरकार ने हड़ताल से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिससे शासकीय लेनदेन प्रभावित नहीं होगा।

हड़ताल सफल होने का दावा

कोषालयीन सेवा के 2500 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। संयुक्त मोर्चा समिति की कार्यकारी अध्यक्ष गौरी सिंह का दावा है कि हड़ताल में वित्त सेवा के अधिकारियों में सहायक संचालक, उप संचालक एवं संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर अधीनस्थ सेवा और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी हड़ताल में भाग ले रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से अधिकारी कर्मचारियों की मांगें लंबित हैं, इसी के चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।

क्या हैं मांगें

मध्यप्रदेश वित्त सेवा के अधिकारी चार स्तरीय रचना क्रम वेतनमान की मांग कर रहे हैं। फिलहाल उन्हें तीन स्तरीय वेतनमान मिल रहा है, वे राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर संवर्ग के समान वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। वित्त सेवा के अधिकारी संयुक्त संचालक पद से अपर संचालक पद पर मौजूदा पदोन्नति कोटा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं। अधीनस्थ लेखा सेवा के अधिकारियों को 5000-8000 रुपए का वेतनमान दिया जा रहा है, वे 5500-9000 रुपए का वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसी तरह कोषालयों के लिपिक वर्गीय कर्मचारी तकनीकी कार्यभार के बढ़ने के कारण विशेष भत्ता दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

ये योजनाएं हो सकती है बाधित

राज्य में केंद्र के अनुदान से सर्व शिक्षा अभियान, मध्यान्ह भोजन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और छात्रवृत्ति के लिए मिलने वाला अनुदान बाधित हो सकता है। केंद्र से संचालित इन योजनाओं के लिए प्रतिदिन 100 करोड़ से ज्यादा की निकासी होती है।

कोषालयीन अधिकारी कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने के लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं की है। कलेक्टरों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

राघवजी, वित्त मंत्री





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