भोपाल.
राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को आगामी एक अप्रैल से महंगाई भत्ते की चार फीसदी किस्त देगी। इसका लाभ अध्यापक संवर्ग और पेंशनरों को भी मिलेगा। इसके साथ ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने में सबसे बड़ी बाधा ‘ब्रेक इन सर्विस’ को भी सरकार ने खत्म कर दिया है। जिससे 31 दिसंबर 1988 के बाद निकाले गए कर्मचारियों को पुन: सेवा में लेने के बाद उन्हें नियमित करने का रास्ता साफ हो गया है। स्टेनोग्राफर और स्टेनो टाइपिस्ट के पदों पर नियुक्ति के लिए लगे प्रतिबंध को शिथिल कर इन पदों को सीधी भर्ती से भरने की छूट भी दी जाएगी। लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ अब दत्तक पुत्री और जुड़वा बहनों को भी मिलेगा।
चुनावी वर्ष में उक्त निर्णय गुरुवार को संपन्न राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए। चार प्रतिशत डीए का लाभ मई के वेतन में प्रदेश के लगभग साढ़े चार लाख अधिकारियों और कर्मचारियों सहित अध्यापक संवर्ग और पेंशनरों को मिलेगा। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को दिसंबर 2007 से मूल वेतन पर 32 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। सरकार ने 31 दिसंबर, 1988 के बाद नियुक्त किए गए दैनिक वेतन भोगियों को भी बड़ी राहत प्रदान की है।
इन्हें दिग्विजयसिंह शासनकाल में हटा दिया गया था। हालांकि उमा भारती की सरकार में इन कर्मचारियों को वापस सेवा में ले लिया गया था, लेकिन ब्रेक इन सर्विस के चलते इन्हें नियमित नहीं किया जा सका। गुरुवार की बैठक में मंत्रिमंडल ने इनकी वर्ष 2001 से 2004 तक की सेवा अवधि को ब्रेक इन सर्विस न मानने का निर्णय ले लिया।
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में स्टेनोग्राफर और स्टेनो टाइपिस्ट के खाली पदों को सीधी भर्ती से भरने की इजाजत भी दे दी। साथ ही कैबिनेट सहायक वन संरक्षक के 49 और वन क्षेत्रपाल के 226 सीधी भर्ती के पदों को पदोन्नति से भरने की छूट एकबार के लिए देने का फैसला भी किया गया। वाणिज्यिक कर विभाग में रिक्त अनुसूचित जनजाति के सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी के 2010 तक रिक्त होने वाले 24 पदों को पीएससी के जरिए सीधी भर्ती से भरने की इजाजत दी गई।
कैबिनेट के अन्य फैसले
झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, डिंडौरी, बालाघाट, उमरिया, अनूपपुर और सीधी जिले में ट्रैक्टर यूनिट की स्थापना।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत उन परिवारों पर परिवार नियोजन की शर्त लागू नहीं होगी जिनकी पहली संतान बालिका होगी। द्वितीय प्रसव की स्थिति में परिवार नियोजन की शर्त लागू होगी। गोद ली गई बालिका को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
प्रथम संतान बालक या बालिका होने के बावजूद यदि किसी परिवार में दो जुड़वा बालिकाओं का जन्म होता है तो उन्हें भी लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा।
इंदौर स्पेशल इकानामिक जोन एक्ट का प्रदेश व्यापी विस्तार।
कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की भारी मशीनें और ट्रैक्टर -ट्रक आदि को कंडम घोषित कर उन्हें नीलाम करने पर रोक।
तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर में पचास रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 500 रुपए प्रति मानक बोरा करना।
पापीस्ट्रा एवं बार लाइसेंस फीस बढ़ा कर एक लाख तक की गई।