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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और देवी सिंह के जेल से फरार होने के फौरन बाद तत्कालीन आईजी जेल अमिताभ ढिल्लों ने बुड़ैल जेल के लिए हरियाणा सरकार से उसका बेस्ट जेल सुपरिटेंडेंट और बेस्ट असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट मांगा था।
हरियाणा सरकार ने फौरन असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट पद के लिए सुभाष चंद्र को अपना नंबर वन अफसर बताकर चंडीगढ़ में भेजा। सुभाष चंद्र की खूबियों का बयान करते हुए कहा गया था कि उन्होंने रोहतक और हिसार जेल को बखूबी चलाया है।
चंडीगढ़ प्रशासन रहा मेहरबान
शुरू में सुभाष चंद्र पर चंडीगढ़ जेल प्रशासन भी खासा मेहरबान रहा और उन्हें तरक्की देकर डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट बना दिया। लेकिन हरियाणा के इस नंबर वन अफसर ने यहां जो कारनामे किए उसकी कल्पना शायद चंडीगढ़ प्रशासन ने कभी नहीं की होगी।
कैदियों को फाइव स्टार सुविधा
ऑपरेशन सेल ने अपनी जांच में पाया कि यह नंबर वन अफसर कैदियों को जेल में फाइव स्टार सुविधाएं उपलब्ध करवाता रहा है। इसके अलावा जेल में बंद ड्रग माफिया को पेरोल दिलवाने में मदद करने और जेल में बंद कैदियों को सुविधाएं दिलवाने के लिए रुपयों की लेन-देन करता रहा है।
आखिरकार ४ साल बाद वीरवार को होम सेक्रेटरी कृष्ण मोहन ने तत्काल प्रभाव से सुभाष चंद्र को रिपेट्रीएट कर दिया। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस सुभाष चंद्र पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करने वाली है।