इंदौर. डॉलर के दाम गिरने से अटके नर्मदा तृतीय चरण के काम एडीबी की वित्तीय सहायता से ही पूरे होंगे। गुरुवार को भोपाल में हुई बैठक में बैंक पदाधिकारियों ने १४क् करोड़ की अंतरराशि के भुगतान पर सहमति दी।
रुपए के मजबूत होने के कारण नर्मदा तृतीय चरण के लिए मिला ६३७ करोड़ का लोन ५क्७ करोड़ में सिमट गया। इसके चलते सिटी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सहित 110 करोड़ के काम शुरू नहीं हो पा रहे थे। निगम प्रशासन ने प्रोजेक्ट का महत्व बताया और एडीबी ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उसके बाद एडीबी पदाधिकारियों ने भोपाल में प्रमुख सचिव राघवचंद्रा और निगमायुक्त नीरज मंडलोई की मौजूदगी में हुई अंतरराशि के भुगतान पर सहमति दी। इसका विस्तृत प्रस्ताव एडीबी मुख्यालय भेजा जाएगा। निगमायुक्त को उम्मीद है राशि जल्द मिल जाएगी। परियोजना अधिकारी प्रभात सांखला ने बताया राशि मिलने तक हम रुके कामों की कागजी कवायद पूरी कर लेंगे।
कई जरूरी काम अटके- फरवरी २क्क्८ तक प्रोजेक्ट पर १क्५ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं और ११क् करोड़ के अटके हैं। इनमें टंकियों का निर्माण, वितरण व्यवस्था में सुधार, बड़वाह से फिल्टर प्लांट के बीच १३२ केवी की ५क् किलोमीटर लंबी बिजली लाइन शामिल है।
जल्द बुलाएंगे टेंडर- एडीबी से अंतरराशि स्वीकृत करवाकर लौटे अधिकारियों को महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा ने बधाई दी और रुके कामों के टेंडर जल्द से जल्द टेंडर बुलाने की बात कही। उन्होंने कहा कामों की समय सीमा पहले ही बढ़ चुकी है। ऐसे में काम जल्द शुरू करना होंगे।