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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़/पंचकूला/अंबाला.
पंचकूला भूड़ फायरिंग रेंज में ट्रेनिंग के दौरान ग्रेनेड फटा, 3 जवानों की मौत
पंचकूला के निकट भूड़ फायरिंग रेंज में वीरवार सुबह अभ्यास के दौरान ग्रेनेड फटने से सीआरपीएफ के तीन जवान मारे गए जबकि 11 जख्मी हो गए। दो जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और तीसरे जवान की पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय मौत हो गई। कुछ घायलों की हालत अब भी नाजुक है।
सीआरपीएफ की 111 बटालियन के जवान सुबह 7.30 बजे से फील्ड फायरिंग अभ्यास के लिए जमा हुए थे। इनमें 92 फायर्स (ग्रेनेड फेंकने वाले), ऑफिसर्स, मेडिकल टीम व सहायकों और जवानों समेत 133 लोग शामिल थे। हादसा उस समय हुआ, जब ग्रेनेड एक जवान के हाथ में फट गया।
मौके पर ही सिपाही राजेश और वीरेंद्र ने दम तोड़ दिया। घायलों को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 12 जवानों को पीजीआई ले जाते समय हेड कांस्टेबल एससी बड़ौला की रास्ते में ही मौत हो गई।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी!
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा किया जा रहा अभ्यास पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अनरूप नहीं था। हादसे के समय जवानों ने बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं पहनी थी। बटालियन के पास करीब दस बुलेट प्रूफ जैकेट थे। रेंज में लगभग 133 जवान अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान 20 ग्रेनेड प्रयोग किए गए, 16 फट भी चुके थे।
प्राइमिंग के दौरान फटा ग्रेनेड
ग्रेनेड को खोल कर जोड़ने की तकनीक को प्राइमिंग कहते हैं। लाइव ग्रेनेड के फ्यूज, पिन, डेटोनेटर आदि को अलग कर दोबारा जोड़ा जाता है। यह फील्ड फायरिंग का हिस्सा होता है। जवानों को ग्रेनेड प्राइमिंग की जानकारी दी जा रही थी। इसी दौरान ग्रेनेड में फ्यूज डालते समय वह फट गया। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
-आरके सक्सेना, आईजी नार्थ वेस्ट सेक्टर, सीआरपीएफ
ग्रेनेड नष्ट करते हादसा!
प्रैक्टिस के दौरान 20 ग्रेनेड फायर किए गए, जिनमें 4 जिंदा रह गए। प्रैक्टिस खत्म होने के बाद जवानों ने सिक्योरिटी चैक के चलते जिंदा रह गए ग्रेनेड्स नष्ट करने के लिए इकट्ठे किए। सुपरविजन टीम के मैंबर एडजंट एसआई वीर भान के अनुसार इकट्ठे करने के बाद जब ग्रेनेड्स को नष्ट करने के लिए काम किया जा रहा था तो उसी दौरान ग्रेनेड फट गया।